Sushasan Tihar: प्रदीप शर्मा ने आरोप लगाया कि उन्हें आर्थिक रूप से परेशान किया जा रहा है और जानबूझकर मानसिक तनाव में रखा गया है।
Sushasan Tihar: देवभोग नगर पंचायत में आयोजित सुशासन तिहार समाधान शिविर में देवभोग के निलंबित बीईओ प्रदीप शर्मा ने अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को सकते में डाल दिया। उसने सबके सामने आत्महत्या की धमकी भी दे डाली। उन्होंने 3 साल से बहाली न होने और आर्थिक शोषण का आरोप लगाते हुए अधिकारियों को खरी खोटी सुनाई।
इस वाक्या के चलते थोड़ी देर के लिए सुशासन तिहार के रंगीन मंच पर सन्नाटा पसर गया। निलंबित बीईओ प्रदीप शर्मा ने सबके सामने आत्महत्या की धमकी देते हुए कहा कि अगर 31 मई तक मेरे मामले में कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया तो उसके बाद किसी भी दिन आत्महत्या कर लेगा। प्रदीप शर्मा ने कहा कि उन्हें झूठे आरोपों को आधार पर बर्खास्त किया गया है।
Sushasan Tihar: शर्मा ने बताया कि वे तीन बार न्यायालय से बहाली का आदेश ला चुके है, लेकिन प्रशासन आंख बंद किए बैठा है। नियमों के अनुसार तीन माह बाद 75 प्रतिशत वेतन मिलना चाहिए, लेकिन उन्हें महज 50 प्रतिशत वेतन भुगतान किया गया। प्रदीप शर्मा ने आरोप लगाया कि उन्हें आर्थिक रूप से परेशान किया जा रहा है और जानबूझकर मानसिक तनाव में रखा गया है।
मंच से बोलते हुए उन्होंने कहा जब देश में सुशासन का उत्सव मनाया जा रहा है तब एक शिक्षक अपने न्याय के लिए आत्महत्या की कगार पर है। अब देखना यह है कि क्या गरियाबंद प्रशासन और शिक्षा विभाग इस गंभीर चेतावनी को हल्के में लगा या प्रदीप शर्मा को न्याय मिलेगा।