गाजियाबाद में आज से थम गए 3100 टैक्सियों के पहिए

अदालत के फैसले से लोगों के सपने हुए चकनाचूर

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May 01, 2016
Diesel taxi ban
Diesel taxi ban
गाजियाबाद।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली एनसीआर में डीजल की टैक्सी पर बैन लग गया है। एनसीआर रीजन के क्षेत्र में आज से सिर्फ सीएनजी और पेट्रोल की टैक्सी ही चलेगी। सुप्रीम कोर्ट के द्वारा लगाए गए इस फैसले का असर गाजियाबाद में भी देखने को मिल रहा है। ना चाहते हुए आज से गाजियाबाद में 3100 टैक्सियों के पहिए अनिश्चित समय के लिए थम गए हैं। इसकी वजह से आज महानगर के लोगों को दिल्ली एनसीआर के दूसरे कोने तक जॉब और काम के सिलसिले में जाने में काफी दिक्कत झेलनी पड़ रही है।


अदालत की तरफ से आया ये फरमान टैक्सी मालिको के लिए सदमा पहुंचाने वाला है। क्योंकि काफी लोग इनमें से ऐसे हैं, जिनकी आय का साधन ही टैक्सी ही है या फिर उन्होंने कुछ समय पहले ही लोन पर नई डीजल टैक्सी ली है।


प्रेम शंकर ठाकुर का कहना है कि वो नोएडा सेक्टर 62 की एक प्राईवेट कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। घर की आय को बढ़ाने के लिए उन्होंने लोन लेकर नई डीजल गाड़ी को टैक्सी के तौर पर निकाला और ओला कंपनी के साथ अटैच कर दिया। अब अदालत की तरफ से फरमान आया है कि गाड़ी बंद हो जाएगी। अब सवाल उठता है कि जब गाड़ी चलेगी ही नहीं तो ऐसे में उसकी किस्त कैसे अदा होगी। अब सिर्फ भगवान का ही भरोसा है।


आशु शर्मा का कहना है कि अदालत ने प्रदूषण फैलाए जाने के नाम पर डीजल गाड़ियों को बंद कर दिया है। मेरी गाड़ी भी इस बैन के तहत अब घर में खड़ी हो गई है, लेकिन क्या वास्तविक स्थिति में इससे प्रदूषण कम होगा। रोजाना ट्रक और फैक्ट्री से जितना नुकसान होता है डीजल की गाड़ी उससे कुछ कम ही प्रदूषण करती हैं।


आरटीओ मंयक ज्योति ने बताया कि वर्तमान में गाजियाबाद में 3100 डीजल टैक्सी, 700 सीएनजी टैक्सी और 500 पेट्रोल की टैक्सी हैं। बैन लगने के बाद अब टीमों को एकत्रित करके नियमों को पालन कराने का प्रयास किया जाएगा। लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पब्लिक सेवा को दुरूस्त करने के लिए यूपी रोडवेज के साथ भी बैठक की जाएगी।
Published on:
01 May 2016 12:33 pm