भारतीय वायु सेना के एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने छह जवानों को गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित किया है।
गाजियाबाद। वायु सेना दिवस पर रविवार को भारतीय वायु सेना के एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने बहादुरी के रिकार्ड बनाने वाले लीडरों को छह गैलेंट्री, 14 वायु सेना मेडल और 28 विशिष्ट सेवा मेडल देकर सम्मानित किया। सम्मान पाने वाले ये जवान हमारे देश के वो हीरों हैं, जिनकी हिम्मत और हौसलों की बदलौत लोग चैन की सांस लेते हैं। आज हम आपको उन तीन जवानों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित किया गया है। जानिए इनके बारे में...
वायु सेना की तरफ से अदम्य साहस के लिए स्क्वाडन लीडर सुखविंदर सिंह मुल्तानी ( अब विंग कमांडर ), स्कावडन लीडर विकास पुरी (अब विंग कमांडर ), स्कावडन लीडर अभिषेक सिंह तवर, स्क्वाडन लीडर भावेश कुमार दूबे, स्कावडन लीडर रिजूल शर्मा, और स्क्वाडन लीडर रमेश वर्मा को इस बार गैंलेंट्री अवार्ड दिया गया है।
भावेश कुमार दूबे
स्कवाडन लीडर भावेश कुमार दूबे 2 जनवरी 2016 को पठानकोट वायु स्टेशन पर तैनात थे। यहां आंतकी हमला होने पर घेराबंदी करके उन्हें रोका लिया गया। आतंकी हमले में उनके पैर में गोली लग गई और उनका एक साथी भी घायल हो गया। इसके बावजूद उन्होंने आंतकियों को पच्चीस मिनट तक रोके रखा। जवानों की हिम्मत की वजह से आंतकियों के हौसले टूट गए और वो अपने बचाव में लग गए। घायल होने के बावजूद सात जनवरी तक उन्होंने टीम का नेतृत्व किया था।
रिजुल शर्मा
रिजुल शर्मा एक जून को मिग-29 उड़ा रहे थे। बेस से 110 किलोमीटर दूर आने पर एयरकाफ्ट की कैनोपी पर्सपेक्स टूट गई। विस्फोट होने के कारण कैनोपी के कांच का टूकड़ा उनके कंधे में घुस गया। उसी हालत में उन्होंने अपने एयरकफ्ट को सही सलामत लैंडिंग कराया था।
सुखविंदर सिंह मुल्तानी
स्क्वाडन लीडर सुखविंदर सिंह मु्ल्तानी उड़ान पायलट एमआई-17वीं 5 यूनिट नफरी पर तैनात हैं। 18 मई 2016 की सुबह वायु सेना को माता वैष्णों देवी साइन बोर्ड से सूचना मिली कि िकुटा पहाड़ी पर जंगल में आग लग गई है। सुखविंदर सिंह को इसकी जिम्मेदारी दी गई कि वो अपने एयरकॉफ्ट से निकले। आग खड़ी ढलान पर लगी थी, इसे जमीन से मदद मिलना संभव नहीं था। सिंह ने फायर लाइन की सीध में पहाड़ी की दिशा में एयरकॉफ्ट का मुंह करके पानी डाला। इस बीच हेलिकॉप्टर के नीचे की बाम्बी बाल्टी को पकडने वाले तारों का गुच्छा उलझ गया। इसके बावजूद उन्होने तुरंत सहीं करके वक्त के रहते लोगों को बचाया।