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गाजियाबाद के लोनी में नहीं थम रहा प्रदूषण का कहर: 20 दिन से खराब हवा, AQI बना खतरे की घंटी

गाजियाबाद के लोनी में पिछले 20 दिनों से वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। AQI लगातार खराब श्रेणी में है। जिससे लोगों की चिंता बढ़ रही है। इसके साथ ही स्वास्थ्य पर असर पड़ने का खतरा बढ़ गया है।

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Pollution

Pollution(AI Image- ChatGpt)

गाजियाबाद के साहिबाबाद लोनी इलाके में लोगों को प्रदूषण से राहत नहीं मिल रही है। पिछले करीब 20 दिनों से यहां की हवा लगातार खराब और बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है। हैरानी की बात यह है कि बारिश के बाद जहां दूसरे इलाकों की हवा साफ हुई। वहीं लोनी में हालात जस के तस बने हुए हैं। जिससे स्थानीय लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है।

गाजियाबाद जिले के लोनी क्षेत्र में वायु प्रदूषण लगातार लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। पिछले 20 दिनों से यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खराब और बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया जा रहा है। आखिरी बार 11 अप्रैल को यहां की हवा मध्यम श्रेणी में थी। जब AQI 166 रिकॉर्ड किया गया था। इसके बाद स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान एक दिन हवा गंभीर श्रेणी में रही। जबकि 12 दिन बेहद खराब और तीन दिन खराब श्रेणी में दर्ज की गई। बीच में तीन दिन प्रदूषण मापक यंत्र बंद रहने के कारण डेटा उपलब्ध नहीं हो सका। यह भी एक चिंता का विषय है। क्योंकि इससे सटीक स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।

कुल 6 स्थान पर लगाए गए प्रदूषण मापक यंत्र

जिले में कुल छह स्थानों पर प्रदूषण मापक यंत्र लगाए गए हैं। इनमें इंदिरापुरम, वसुंधरा और संजय नगर जैसे क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से हवा मध्यम श्रेणी में दर्ज की गई है। शनिवार को गाजियाबाद का औसत AQI 184 रहा, जो मध्यम श्रेणी में आता है। लेकिन लोनी की स्थिति बाकी इलाकों से काफी खराब बनी हुई है।

अवैध फैक्ट्रियों अभियान चलाकर की जा रही सील

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह के अनुसार, लोनी में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई करते हुए उन्हें सील किया जा रहा है। इसके बावजूद प्रदूषण का स्तर कम नहीं हो पा रहा है। जिससे यह साफ है कि समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है। लोगों का कहना है कि धूल, कचरा जलाना और औद्योगिक गतिविधियां प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजह हैं। अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए। तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।

कहां कितना दर्ज हुआ AQI

गोविंदपुरम 234, इंदिरापुरम 148, लोनी 238, संजय नगर 137, वसुंधरा 164

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