
गाजियाबाद: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को रविवार को अदालत से राहत नहीं मिली। गाजियाबाद की विशेष PMLA कोर्ट ने सुनवाई के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया। कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें सीधे गाजियाबाद की डासना जेल ले जाया जाएगा।
रविवार सुबह करीब 10.30 बजे ED ने आजम खान को भारी सुरक्षा के बीच विशेष PMLA कोर्ट में पेश किया। ईडी टीम के साथ सुरक्षा के लिए CRPF और पुलिस के 100 से अधिक जवान भी मौजूद थे। जब आजम खान कोर्ट परिसर पहुंचे तो वे काफी शांत और उदास नजर आए। वह अपनी कार में बैठे लोगों की तरफ बस खामोशी से देखते रहे। जब उन्होंने कार की खिड़की का शीशा खोला तो वहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने उनसे पूछा कि, क्या वह कुछ बोलेंगे? इस पर आजम खान ने बेहद मायूसी भरे लहजे में जवाब दिया कि... "क्या रह गया है बोलने को।"
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा नेता आज़म खान पर कहा, "मुसलमान होने की सजा नहीं मिल रही है, यूनिवर्सिटी बनाने की सजा नहीं मिल रही है, जो अपराध किए हैं, जो भ्रष्टाचार किए हैं, उसकी सजा मिल रही है। मैं यह भी मांग करता हूं कि क्योंकि आज़म खान अखिलेश यादव की सरकार के मंत्री थे और उनकी सरकार के रहते हुए अगर इस प्रकार की गड़बड़ हुई है तो जांच के दायरे में अखिलेश यादव को भी शामिल करना चाहिए।"
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने सपा नेता आजम खान पर कहा, "…ऐसे हालात में वो भावनात्मक बयान और भावनात्मक बकवास बहादुरी नहीं करेंगे, तो क्या करेंगे?… उन्होंने जो कहा, जो किया उस पर कोर्ट फैसला करेगा…"
बता दें कि इससे पहले शनिवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी के बाद ईडी की टीम आजम खान को कार से सीधे दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय ले गई थी। उन्हें पूरी रात ईडी मुख्यालय में ही रखा गया था। इस दौरान अधिकारियों ने उनसे करीब 50 से ज्यादा सवाल किए। मामला जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग से संबंधित है। आजम खान 11 महीने बाद बेटे अब्दुल्ला के साथ जेल से बाहर आए थे। इससे पहले 29 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने दो पैन कार्ड मामलों में सुनाई गई उनकी 10 साल की सजा पर रोक लगा दी थी।