
Ghaziabad Crime News: रिश्तों में भरोसे का फायदा उठाकर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। गाजियाबाद में एक व्यक्ति पर आरोप लगा है कि उसने अपने रिश्तेदार के बैंक खाते से फर्जी हस्ताक्षर कर 2.16 करोड़ रुपए निकाल लिए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला गाजियाबाद कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा है। शिकायतकर्ता जोसेफ जयनाथन का आरोप है कि उनके रिश्तेदार रवि प्रकाश ने पुराने संबंधों और बैंक खाते की जानकारी का फायदा उठाकर यह पूरी साजिश रची। आरोप है कि वर्ष 2016 से 2021 के बीच 16 फर्जी चेकों के जरिए खाते से करोड़ों रुपए निकाले गए।
जोसेफ ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2005 से आंध्र प्रदेश में रहकर कारोबार कर रहे हैं। इससे पहले वह गाजियाबाद के मॉडल टाउन इलाके में घड़ियों के शोरूम में काम करते थे। इसी दौरान उनकी पहचान रवि प्रकाश से हुई और दोनों के बीच रिश्तेदारी के साथ अच्छा संपर्क भी था।
शिकायत के मुताबिक, दादरी क्षेत्र के बिसाहड़ा गांव में जमीन अधिग्रहण के मुआवजे के रूप में वर्ष 2013 और 2017 में उनके बैंक खाते में करीब 3.30 करोड़ रुपए जमा हुए थे। यह खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मॉडल टाउन शाखा में था।
आरोप है कि इसी खाते की जानकारी का इस्तेमाल करते हुए रवि प्रकाश ने पुराने पते के आधार पर चेकबुक हासिल कर ली। इसके बाद कथित तौर पर जोसेफ के हस्ताक्षर की नकल कर कई चेक तैयार किए गए और अलग-अलग समय पर बड़ी रकम निकाली गई।
पीड़ित का कहना है कि निकाली गई रकम को कभी नकद लिया गया तो कभी अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया गया। आरोप है कि कुछ रकम रवि प्रकाश से जुड़े स्कूल और कंपनी के खातों में भी भेजी गई। फिलहाल पीड़ित को छह चेकों की प्रतियां ही मिल सकी हैं, जबकि बाकी लेनदेन की जानकारी जांच के बाद सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब बैंक रिकॉर्ड, चेक और पैसों के लेनदेन की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
करोड़ों रुपए की इस धोखाधड़ी के मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बैंकिंग लेनदेन में सावधानी और समय-समय पर खातों की निगरानी कितनी जरूरी है।