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गाजियाबाद में बच्ची को चिप्स के बहाने बुलाकर ले गए हैवान, दोनों को पहले से जानती थी बच्ची

Ghaziabad minor girl case : गाजियाबाद के नंदग्राम में 7 वर्षीय मासूम बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चिप्स का लालच देकर निर्माणाधीन मॉल में वारदात को अंजाम दिया गया।
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UP Crime News

गाजियाबाद में सात साल की बच्ची की दुराचार के बाद की हत्या, PC- Patrika

गाजियाबाद : नंदग्राम क्षेत्र में सात वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में पुलिस और फॉरेंसिक जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। निर्माणाधीन मॉल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट ने वारदात के घटनाक्रम को काफी हद तक स्पष्ट कर दिया है। पुलिस के अनुसार, बच्ची को चिप्स और कोल्ड ड्रिंक का लालच देकर निर्माणाधीन मॉल में ले जाया गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर शव को ऊंचाई से नीचे फेंक दिया गया।

फॉरेंसिक टीम की जांच में निर्माणाधीन बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर बने एक कमरे में कई स्थानों पर खून के निशान मिले हैं। कमरे के फर्श पर बिखरी रेत में भी खून के धब्बे पाए गए। घटनास्थल से बच्ची की खून से सनी स्कर्ट, चप्पलें, चिप्स का खाली पैकेट और कोल्ड ड्रिंक की बोतल बरामद की गई है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटनास्थल से करीब 40 मीटर दूर शराब का पव्वा और बीड़ी के जले हुए टुकड़े भी मिले हैं। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि वारदात के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका या निगरानी तो नहीं थी।

CCTV में कैद हुई तीन घंटे की गतिविधियां

जांच में सामने आया है कि शुक्रवार शाम करीब 7:40 बजे दोनों आरोपी बच्ची को लेकर मॉल परिसर में दाखिल हुए थे। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार करीब सवा तीन घंटे बाद रात 11 बजे एक आरोपी परिसर से बाहर निकलता दिखाई दिया। पुलिस का मानना है कि इसी दौरान बच्ची के साथ दुष्कर्म और अन्य आपराधिक घटनाएं हुईं।

पहचान होने के डर से हत्या की आशंका

बच्ची की मां ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपी उनकी झुग्गी से करीब 60-70 मीटर दूर रहते थे और उनके साथ ही मजदूरी करते थे। बच्ची दोनों को अच्छी तरह पहचानती थी। परिजनों का आरोप है कि पहचान उजागर होने के डर से आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी।

पुलिस को उस स्थान पर भी खून के निशान मिले हैं, जहां से बच्ची के शव को नीचे फेंके जाने की आशंका है। जांच में यह भी सामने आया है कि शव नीचे गिरते समय लिफ्ट एरिया में फैली बिजली की वायरिंग को तोड़ता हुआ बेसमेंट तक पहुंचा।

छह मंजिल नीचे मिला शव

निर्माणाधीन इमारत में चार मंजिलें जमीन के ऊपर और तीन बेसमेंट बनाए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, बच्ची का शव सबसे निचले बेसमेंट में मिला था। घटना के बाद परिजन और अन्य मजदूर बच्ची की तलाश करते हुए मॉल परिसर पहुंचे, जहां रात करीब साढ़े 12 बजे तीसरे बेसमेंट में सीढ़ियों के पास उसका खून से लथपथ शव बरामद हुआ।

लापता होने के बाद शुरू हुई तलाश

पुलिस के मुताबिक, बच्ची का परिवार मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है और फिलहाल राजनगर एक्सटेंशन स्थित निर्माणाधीन मॉल के पास मजदूरी कर रहा था। शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे बच्ची लापता हो गई। परिजनों ने करीब दो घंटे तक उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

एक आरोपी और एक नाबालिग गिरफ्तार

सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी बिहार के अररिया जिले का रहने वाला शहाबुद्दीन है, जबकि दूसरा नाबालिग बताया गया है। पुलिस का कहना है कि दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

पुलिस आयुक्त ने किया निरीक्षण

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड़ वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवार को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल और कार्यवाहक एसीपी प्रियाश्री पाल भी मौके पर मौजूद रहीं।

मेडिकल परीक्षण और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्ची का अंतिम संस्कार नूरनगर श्मशान घाट में किया गया। इस दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।