
गाजियाबाद। सड़कों पर फंसे लोगों को घर पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने बसों का इंतजाम किया हैं। लेकिन बसों में बैठने वालों को सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। बसों में ठूस-ठूस कर लोगों को भरा जा रहा है। ऐसे में कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। प्रदेश सरकार खुद सोशल डिस्टेंसिंग की बात कर रही हैं।
सड़कों पर फंसे लोग एक-एक बस में भारी भीड़ में घुसकर सफर कर रहे हैं। एक-एक बस में क्षमता से अधिक यात्री भरे जा रहे हैं। गाजियाबाद के एनएच-91 और पुराने बस अड्डे पर यात्रियों की भीड़ बसों के इंताजार में उमड़ रही है। बसों की किल्लत की वजह से लोग बसों में भेड़ बकरियों की तरह सफर करने को मजबूर हैं। इस बात का किसी को अंदेशा नहीं है कि अगर एक भी व्यक्ति को कोरोना वायरस हुआ तो यह कितना खतरनाक हो सकता है। साथ ही यह कितने लोगों को संक्रमित कर सकता है।
बीमारी महामारी का रूप ले सकती है। दिल्ली और अन्य राज्यो से पैदल चलकर हजारों की संख्या में लोग गाजियाबाद के रास्तों से होकर गुजर रहे हैं। जिन्हें न पानी मिल पा रहा है न खाना। पुराने बस अड्डे से यूपी के अलग-अलग शहरों के लिए बसों में भरकर लोगों को भेजा जा रहा है।