
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
गाजियाबाद। जनपद के इंदिरापुरम इलाके में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट कैलाश मानसरोवर भवन बनकर तैयार हो चुका है। जिसका उद्घाटन करने के लिए खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को गाजियाबाद पहुंच रहे हैं। करीब 70 करोड़ की लागत से 9000 मीटर में बने कैलाश मानसरोवर भवन योगी सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है। इसके उद्घाटन के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। पिछले कई दिन से गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने की तैयारियों में जुटा हुआ है। पूरे इलाके में साफ सफाई की जा रही है। इलाके के सभी नालों को भी साफ कर लिया गया है।
सड़क पर पड़े सभी कूड़े को हटा दिया गया है। साथ ही सड़क पर बने फुटपाथ पर रंगाई पुताई का कार्य पूरा हो चुका है।तमाम तरह के पौधे सड़क के किनारे नजर आ रहे हैं। जनपद की तस्वीर पूरी तरह से अलग नजर आ रही है। इन सब तैयारियों के लिए खुद गाजियाबाद के जिलाधिकारी अजय शंकर पांडे, एसएसपी कलानिधि नैथानी, एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की वीसी कंचन वर्मा मौके पर पहुंचकर निरीक्षण कर रहे हैं।
500 लोग की कार्यक्रम में हो सकेंगे शामिल
एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि इंदिरापुरम शक्ति खंड 4 में करीब 300 यात्रियों की क्षमता वाला कैलाश मानसरोवर भवन बनकर तैयार हो चुका है। जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज करेंगे। इसके लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। कोरोना काल को ध्यान में रखते हुए ज्यादा भीड़ एकत्र ना हो, इसलिए सूक्ष्म प्रोग्राम रखा गया है। जिसकेे चलते इस प्रोग्राम में ज्यादा से ज्यादा 500 लोग एकत्र होने की योजना तैयार की गई है। वहीं मुख्यमंत्री के गाजियाबाद आगमन पर भारतीय जनता पार्टी के तमाम कार्यकर्ताओं में बेहद उत्साह भरा हुआ है ।हालांकि जानकारी के मुताबिक प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा महज 300 पास भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को दिए गए हैं। ताकि ज्यादा भीड़ एकत्र ना हो सके।
ये है खासियत
बता दें कि हज हाउस की तर्ज पर कैलाश मानसरोवर भवन का निर्माण किया गया है। इसमें 100 कमरे हैं और इसे करीब 70 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। जानकारी के अनुसार इस भवन में कैलाश मानसरोवर जाने वाले यात्रियों को सभी तरह की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। वहीं अन्य महीनों में उत्तराखंड के चार धाम यात्रा और कश्मीर में बाबा अमरनाथ की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी यहां रुकने की सुविधा दी जाएगी।