फार्स्ट ट्रेक कोर्ट ने सुनाया आदेश पत्नी को 25 आैर बेटे को हर माह देने होंगे 20 हजार रुपये
गाजियाबाद।अाप ने अब तक हर पति को चाहे व आर्इपीएस हो या फिर आम आदमी।अपनी पत्नी को रुपये देने की बात सुनी होगी। लेकिन अब इस आर्इपीएस को हर माह पत्नी के साथ ही बेटे को भी रुपये देने पड़ेगे। इसकी वजह आर्इपीएस की पत्नी द्वारा कोर्ट में अर्जी दाखिल कर पति से गुजारा भत्ता मांगना है। जिस की सुनवार्इ करते हुए न्यायालय ने यह आदेश आर्इपीएस पति को दिया है।
पत्नी ने इसलिए कर दी यह मांग
दरअसल गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी अशोक कुमार अग्रवाल ने अपनी बेटी की शादी 12 मार्च 2007 को बांका बिहार निवासी आर्इपीएस अधिकारी जे. एन. पंकज के साथ की थी। जेएन पंकज आेडिशा कैडर के आर्इपीएस है।वह इस समय ओडिशा स्थित संभलपुर में एसपी विजिलेंस के पद पर तैनात हैं।आरोप है कि जेएन पंकज और उसका परिवार शादी में मिले दहेज से खुश नहीं था।आरेप है कि जेएन पंकज अपनी पत्नी से दहेज में कार की डिमांड कर रहे थे।डिमांड पूरी न होने पर पत्नी का उत्पीड़न करने लगे।शादी के बाद कुछ दिनों तक मीनल यह सोचकर ससुराल वालों के जुल्म सहती रही। आरोप है कि ससुराल के सभी सदस्यों द्वारा गलत व्यवहार करने की वजह से वह परेशान हो गर्इ।इस दौरान मीनल ने एक बेटे को जन्म दिया।जिसके बाद परेशान होकर वह अपने पिता के पास आ गर्इ।
मायके आकर कोर्ट में डाली थी यह अर्जी
इसके बाद महिला ने अपने पिता के पास आकर वर्ष 2014 में आर्इपीएस पति से भरण पोषण की मांग करते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। महिला की इसी अर्जी पर कोर्ट ने चार साल बाद मंगलवार को सुनवाई करते हुए आर्इपीएस जे. एन. पंकज को आदेशित किया कि उन्हें प्रत्येक महीने अपनी पत्नी को भरण पोषण के रूप में 25 हजार रुपये और बेटे अर्चित को 20 हजार रुपये देने होंगे। वहीं आर्इपीएस जेएन पंकज ने अदालत में तलाक का मुकदमा दायर किया हुआ है। जिसकी सुनवार्इ कोर्ट में विचाराधीन है।