Cyber Crime Online Games सावधान, ऑनलाइन गेम खेलने वालों अपने बच्चों पर नजर रखें। नहीं तो आपके बैंक खाते से आपके पैसे छूमंतर हो जाएंगे। और आप हाथ मलते रह जाएंगे। तो सतर्क हो जाएं। गाजियाबाद में ऑनलाइन गेम के टूल और बैटल गन बेचने के नाम पर बच्चों से ठगी करने वाले छात्र को साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। जानें आगे क्या हुआ
Cyber Crime ऑनलाइन गेम टूल बेचने के नाम पर अब छोटे बच्चों को ठगा जा रहा है। गाजियाबाद में साइबर पुलिस ने युवक को गिरफ्तार किया है। जिस पर आरोप है कि, वह छोटे बच्चों ऑनलाइन गेम टूल और बैटल गन बेचता है। आरोपी से जब पुलिस ने पूछताछ की तो एक राज का खुलासा हुआ। जिसे सुनकर पुलिस अफसर भी हैरान रह गए। आरोपी बाराबंकी के विशाल ने बताया कि, वह भी ऑनलाइन गेम का दीवाना था। पर एक दिन जालसाजों ने दो सौ रुपए की ठगी कर ली। बस उसके बाद गुस्सा आया और उसने भी आनलाइन ठगी का धंधा शुरू कर दिया। विशाल इस वक्त एमए की पढ़ाई कर रहा है।
सावधान, ऑनलाइन गेम खेलने वालों अपने बच्चों पर नजर रखें। नहीं तो आपके बैंक खाते से आपके पैसे छूमंतर हो जाएंगे। और आप हाथ मलते रह जाएंगे। तो सतर्क हो जाएं। गाजियाबाद में ऑनलाइन गेम के टूल और बैटल गन बेचने के नाम पर बच्चों से ठगी करने वाले छात्र को साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि, छात्र इंस्टाग्राम पर पेज बनाकर दो साल से बच्चों को ठग रहा था।
पुलिस ने बताया कि, अब तक उसने करीब 100 बच्चों से 50 लाख रुपयों की ठगी की है। आरोपी के पास से पौने दो लाख रुपए की सोने की चेन, ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड और आधार कार्ड आदि बरामद किए गए हैं।
मामला उजागर हुआ कि, नेहरू नगर में रहने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि, उनका बेटा ऑनलाइन गेम बीजीएमआई खेलता है। गेम में लेवल पार करने के लिए जालसाजों ने इंस्टाग्राम पर बैटल गन खरीदने का संदेश भेजा। गन की कीमत करीब 800 रुपए बताई गई। लेवल जल्द पार करने के चक्कर में बेटे ने पेटीऍम के जरिए भुगतान कर दिया। इसके बाद साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से बच्चे से 2 लाख ठग लिए।
पुलिस ने शिकायत के बाद जांच शुरू की। इस मामले में विशाल को गिरफ्तार किया। आरोपी ने बताया कि, खुद ठगी का शिकार होने पर उसने दो साल पहले इंस्टाग्राम पर फेक पेज बनाया। और उस पर पब्जी व अन्य ऑनलाइन गेम के टूल व पैटल गन बेचने का विज्ञापन डाल दिया। बच्चे पेज पर विज्ञापन देखकर उससे संपर्क करते थे।
पुलिस ने बताया कि, विशाल शुरुआत में खाते में रकम मंगाता था। बाद में वह बच्चों से उनके पैरेंट्स के क्रेडिट व डेबिट कार्ड का नंबर पूछता और फिर मोबाइल पर आए ओटीपी को पूछकर ऑनलाइन सोने के सिक्के खरीदता था।