गाज़ियाबाद

Ghaziabad: इको फ्रेंडली राखियाें से गुलजार हुआ विकास भवन, देखें वीडियो-

Highlights - दाल, चावल,गेहूं, गेंदे के फूल, मेकरोनी और बाजरे से बनाई स्पेशल राखियां - लोगों को खूब भा रही इको फ्रेंडली राखियां - कीमत भी महज 11 रुपए से 40 रुपए तक

less than 1 minute read

गाजियाबाद. राखी ये शब्द आते ही भाई-बहन के प्यार की छवि दिमाग मे आ जाती है और रक्षा बंधन ( Raksha Bandhan ) का पवित्र त्यौहार 3 अगस्त को है। ऐसे में राखियों से बाजार गुलजार हो गए हैं। इस बार बाजार के साथ- साथ गाजियाबाद ( Ghaziabad ) विकास भवन भी राखियों से गुलजार है। यहां दाल, चावल, गेहूं, गेंदे के फूल, मेकरोनी, बाजरा इत्यादि से राखियां बनाई गई हैं। ये सभी राखियां हाथों से बनाकर बिक्री के लिए रखी गई हैं। इनकी कीमत 11 रुपए से लेकर 40 रुपए तक रखी गई है।

बता दें इन राखियों को बनाने के पीछे जहां एक तरफ इसका मकसद इको फ्रेंडली राखियां बनाने का है। वहीं दूसरी ओर महिलाओं को भी जीविका देने का है। जिला मिशन प्रबंधन इकाई के साथ रूडसेटी ने मिलकर ये राखियां महिलाओं के स्वयं समूह सहायता ग्रुप द्वारा बनवाई हैं। ये महिलाओं का वह समूह होता है, जिसको प्रशासन की तरफ से काम दिया जाता है, ताकि महिलाएं भी स्वयं अपनी जीविका चला सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। इन रखियों को लोग भी खासा पसंद कर रहे हैं।

इन राखियो की खासियत ये भी है कि जिस तरह राखियां टूट कर गिर जाती है। उसी तरह अगर ये राखियां भी टूटकर कही गिरेंगी तो एक नया पौधा भी वह उग सकता है। बेशक ही जिला मिशन प्रबंधन इकाई के साथ रूडसेटी ने मिलकर ये राखियां महिलाओं के स्वयं समूह सहायता ग्रुप द्वारा बनवाई है, लेकिन ये सोच वाकई काबिल-ऐ-तारीफ है। ये राखियां वास्तव में एक अच्छी पहल है।

Published on:
30 Jul 2020 01:06 pm
Also Read
View All