
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
गाजियाबाद। कृषि बिल का विरोध करने वाले किसानों को गाजियाबाद के यूपी गेट पर 11 दिन हो गए हैं। एक तरफ किसान अपनी जिद पर अड़े हुए हैं कि सरकार तीनों कृषि बिलों को वापस लें तो वहीं सरकार ने साफ तौर पर यह कहा है कि बिल के अंदर संशोधन किया जा सकता है, लेकिन बिल वापस नहीं होगा। जिसके चलते अब किसान और सरकार के बीच में लगातार टकराव बढ़ने की संभावना बन गई है। इस कड़ी में किसानों ने 8 दिसंबर को भारत बंद का ऐलान किया है।
इस पूरे मामले में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बयान जारी करते हुए कहा है कि सरकार के द्वारा जो यह तीनों बिल बनाए गए हैं, वह किसान विरोधी हैं। ऐसे में किसानों के हित को ध्यान रखते हुए सरकार को तत्काल प्रभाव से वापस लेना चाहिए। एक तरफ प्रधानमंत्री किसानों को देश का अन्नदाता बोलते हैं और किसानों पर गर्व करने की बात कहते हैं। वहीं दूसरी तरफ किसान विरोधी बिल लाकर किसान को नरक में धकेलने का कार्य किया है। जब तक सरकार तीनों बिल वापस नहीं लेती तब तक किसान टस से मस नहीं होंगे। अब 8 तारीख को भारत बंद का ऐलान है। यदि सरकार किसानों की बात नहीं मानती तो इस बार किसानों का गुस्सा झेलने को तैयार रहें।
राकेश टिकैत ने कहा है कि 8 दिसंबर को सुबह 11 बजे से शाम 3 बजे तक पूरी तरह भारत बंद रहेगा और आकस्मिक सेवाओं से जुड़े वाहन एंबुलेंस और छात्रों को इससे अलग रखा जाएगा। यानी इन्हें आने जाने की छूट दी जाएगी। इनके अलावा पूरी तरह भारत बंद रहेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिए हैं कि किसानों के इस आंदोलन को अब बड़ी संख्या में जनसमर्थन मिल रहा है। इसलिए इस बार 8 दिसंबर को भारत बंद ऐतिहासिक होगा।