एनसीआर के सबसे प्रदूषित शहर में AQI 398 दर्ज किया गया, जबकि दिल्ली में AQI 349 और नोएडा में AQI 356 दर्ज किया गया
गाज़ियाबाद. एनसीआर के गाज़ियाबाद में हवा में जहर घुलने लगा है। लोगों को घर से बाहर निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग अपने चेहरों पर रुमाल रखकर या फिर मास्क लगाकर चल रहे हैं। वहीं, ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी वायु प्रदूषण के चलते मास्क लगा कर अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। यानी यहां ट्रैफिक कंट्रोल करने में भी पुलिस को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि इस वायु प्रदूषण के चलते उन्हें दिन प्रतिदिन काफी दिक्कतें आ रही हैं । प्रदूषण की वजह से आंखों में जलन और सांस लेने में भी काफी तकलीफ हो रही है।
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खतरनाक प्रदूशन की चपेट में आने पर डॉक्टरों का कहना है कि वायु प्रदूषण की मुख्य वजह हरियाणा और पंजाब में जो किसानों के द्वारा पराली जलाई जा रही है, उसे माना जा रहा है। इसके साथ ही दूसरी वजह लगातार ट्रैफिक बढ़ने की वजह से प्रदूषण का दवाब भी ज्यादा हो गया है। जिसके चलते लोगों को काफी दिक्कतें हो रही है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि दमे के मरीज इस वायु प्रदूषण में अपने घरों से बाहर नहीं निकले तथा जो स्वयं मॉर्निंग वॉक के लिए जाते हैं, अपने चेहरों को ढककर निकले।
शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते गाजियाबाद की जिलाधिकारी ऋतु महेश्वरी ने सभी सरकारी व प्राइवेट बिल्डरों के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है। उन्होंने आदेश दिया है कि शहर में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न करेंं। डीएम ने प्रदूषण पर काबू पाने के लिए भले ही आदेश जारी कर दिए हों, लेकिन शहर में उनके आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। खुद जीडीए का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। वहीं, शहर में पावर कट की वजह से चल रहे जनरेटर से निकलने वाला काला धुआं भी हवा में जहर घोलने का काम कर रहा है। इसके साथ ही गाज़ियाबाद के पॉश इलाका राजनगर एक्टेंशन में खुलेआम सड़क किनारे कूड़े में आग लगाई गई है, जिससे निकलने वाला धुआं भी वातावरण को जहरीला बना रहा है, लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं है।