
Ghaziabad News:गाजियाबाद के लोनी स्थित एक नर्सिंग होम में हुई गॉल ब्लैडर की सर्जरी को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। दिल्ली की रहने वाली एक महिला ने डॉक्टर पर गंभीर मेडिकल लापरवाही का आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने गलती से गलत नस काट दी। इतना ही नहीं, जब उन्होंने इस बारे में सवाल किया तो डॉक्टर ने कथित तौर पर कहा, ये अल्लाह की मर्जी थी। अब यह मामला प्रशासन तक पहुंच गया है और इसकी जांच की जा रही है।
दिल्ली के शाहदरा के करदम पुरी की रहने वाली नूर सबा के मुताबिक, 17 फरवरी 2026 को गाजियाबाद के लोनी स्थित अल्वी नर्सिंग होम में उनका गॉल ब्लैडर निकालने का ऑपरेशन हुआ था। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लगा, लेकिन करीब 15 से 20 दिन बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। उन्हें पेट में परेशानी होने लगी और बाद में पीलिया भी हो गया। इलाज के लिए वह दोबारा उसी नर्सिंग होम पहुंचीं। महिला का कहना है कि अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें पीलिया होने की बात कही और दो दिन के लिए भर्ती भी रखा, लेकिन उनकी तबीयत आखिर क्यों बिगड़ी, इसका कोई साफ जवाब नहीं दिया गया। इलाज के बावजूद उनकी हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ। जब उन्हें लगा कि सही इलाज नहीं मिल रहा है, तो उन्होंने दूसरे अस्पताल में डॉक्टरों से सलाह लेने का फैसला किया।
नूर सबा का आरोप है कि दूसरे अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि पहले ऑपरेशन के समय एक नस कट गई थी। इसी वजह से उन्हें पीलिया समेत दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं हुईं। डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि इस गलती को ठीक करने के लिए एक और ऑपरेशन करना पड़ेगा। इसके बाद उनकी दोबारा सर्जरी हुई और फिर धीरे-धीरे उनकी तबीयत में सुधार आने लगा।
महिला का कहना है कि जब वह इस पूरे मामले को लेकर अल्वी नर्सिंग होम पहुंचीं और ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर मोहम्मद नदीम से जवाब मांगा, तो उन्होंने पूछा कि अगर ऑपरेशन के दौरान उनकी मौत हो जाती तो क्या होता। नूर सबा का दावा है कि इस सवाल के जवाब में डॉक्टर ने कथित तौर पर कहा, तो भी अल्लाह की मर्जी होती। महिला का कहना है कि इस जवाब ने उन्हें और उनके परिवार को हैरान कर दिया।
नूर सबा का आरोप है कि जब उन्होंने डॉक्टर से लापरवाही की जिम्मेदारी लेने की बात कही, तो उसे स्वीकार करने के बजाय मामले को 500 से 1000 रुपए देकर खत्म करने का सुझाव दिया गया। महिला का कहना है कि इतनी बड़ी गलती के बाद भी किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली और उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया।
इसके बाद महिला ने पूरे मामले की शिकायत एसडीएम से की। शिकायत मिलने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने डॉक्टर मोहम्मद नदीम को बुलाकर आरोपों पर जवाब मांगा। हालांकि डॉक्टर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनकी ओर से किसी तरह की मेडिकल लापरवाही नहीं हुई है। दूसरी ओर, नूर सबा नर्सिंग होम से मुआवजे और उचित कार्रवाई की मांग कर रही हैं।
यह मामला सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद तेजी से वायरल हो गया। कई लोगों ने इसे मेडिकल लापरवाही का गंभीर मामला बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कुछ यूजर्स ने डॉक्टर का मेडिकल लाइसेंस रद्द करने और केस दर्ज करने की बात कही। वहीं, कुछ लोगों ने इस घटना को लेकर तीखी टिप्पणियां भी कीं। हालांकि, सोशल मीडिया पर आई प्रतिक्रियाएं लोगों की अपनी राय हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और जांच के बाद ही आरोपों की सच्चाई पूरी तरह साफ हो सकेगी।