
Ghaziabad Murder Case: गाजियाबाद के मोहित हत्याकांड के पीछे की वजह सामने आ गई है। इस हत्याकांड में मोहित ने गौरव को बर्थडे पार्टी में बुलाया था, जो एक खूनी वारदात में बदल गई। जानकारी के अनुसार कुछ समय पहले गौरव पंडित ने मोहित शर्मा की बहन को गाली दी थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच पहले से रंजिश चल रही थी। पार्टी में आमना-सामना होते ही दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बात हाथापाई तक पहुंच गई और फिर गौरव ने मोहित पर स्विस नाइफ से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
पूछताछ में आरोपी गौरव पंडित ने पुलिस को बताया कि बहस के दौरान मोहित ने गुस्से में उसके सीने पर मुक्का मार दिया था। मुक्का लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा। इससे नाराज होकर उसने जेब से स्विस नाइफ निकाली और कुर्सी पर बैठे मोहित के सीने में पहला वार कर दिया। इसके बाद मोहित अपनी जान बचाने के लिए भागने लगा, लेकिन गौरव का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने लगातार हमला जारी रखा।
मोहित घर से निकलकर सड़क की ओर भागा, लेकिन आरोपी गौरव उसके पीछे दौड़ता रहा। पुलिस के अनुसार, देव, उसका भाई न्याय और हरि ने भी मोहित को पकड़ने में गौरव की मदद की। इसके बाद गौरव ने मोहित के पेट, सीने, माथे और कमर पर लगातार चाकू से वार किए। कुल 17 वार किए गए। हमले में मोहित गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी आंतें तक बाहर आ गईं। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि शांतिनगर कॉलोनी निवासी देव ने अपने जन्मदिन की पार्टी में मोहित को बुलाया था। देर रात तक पार्टी में शराब और हुक्का चलता रहा। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर गौरव और मोहित के बीच फिर बहस शुरू हो गई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि मुख्य आरोपी ने पहले ही मोहित को 15 दिन के भीतर जान से मारने की धमकी दी थी। उनका कहना है कि पार्टी में बुलाकर पूरी वारदात को अंजाम दिया गया।
मुख्य आरोपी गौरव पंडित को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उसे हत्या में इस्तेमाल स्विस नाइफ बरामद कराने जल प्लांट रोड स्थित डंपिंग ग्राउंड लेकर गई। पुलिस के अनुसार, वहीं झाड़ियों में उसने स्विस नाइफ के साथ एक तमंचा और कारतूस भी छिपाकर रखे थे। मौका मिलते ही गौरव ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिसके बाद उसे पकड़कर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने मुख्य आरोपी गौरव पंडित के अलावा देव, उसके भाई न्याय और हरि को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हत्या में इस्तेमाल स्विस नाइफ, तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैं।