दिल्ली-गाजियाबाद सीमा पर बैठ आरोपी कमर्शियल वाहनों से वसूल रहे थे फर्जी टैक्स
गाजियाबाद।यदि आपकी गाड़ी कमर्शियल नंबर की है। और आप दिल्ली से उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करते हैं। तो आपके लिए पत्रिका की यह खबर खास खबर साबित हो सकती है। क्योंकि दिल्ली से सटे गाजियाबाद की थाना इंदिरापुरम पुलिस ने एक ऐसे गैंग का खुलासा किया है। जो एआरटीआे की फर्जी वेबसाइट बनाकर कमर्शियल वाहनों से टैक्स वसूलता था। इस गैंग के एक सदस्य को पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से लैपटाॅप, प्रिंटर,नगदी आैर एआरटीआे की दो फर्जी मोहर बरामद की है। पुलिस आरोपी के साथियों का पता लगाने में जुटी है।
यहां पर आॅफिस बनाकर कमर्शियल वाहनों से एेसे वसूलते थे टैक्स
जानकारी के अनुसार दिल्ली से गाजियाबाद आने वाली उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने वाले कमर्शियल वाहनों से खासतौर से फर्जी तरीके से टैक्स वसूलने का धंधा पिछले काफी समय से बखूबी तरीके से फल-फूल रहा था। इस धंधे को चलाने के लिए एक गैंग सक्रिय था। जिन्होंने नेशनल हाईवे-24 पर थाना इंदिरापुरम इलाके में साईं मंदिर के पास अभय खंड स्थित इंडियन ऑयल पंप के पास एक लकड़ी का खोखा रखा हुआ था। जिसमें लैपटॉप ,प्रिंटर के अलावा संभागीय परिवहन के तमाम फर्जी दस्तावेज मौजूद थे। और यहां मौजूद एक गैंग दिल्ली से उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने वाले कमर्शियल वाहन खासतौर से पैसेंजर कैब वाहनों से उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने वाले टैक्स को वसूल कर फर्जी तरीके से एआरटीओ की वेबसाइट पर जमा करने के नाम पर फर्जी रसीद दिया करते थे। और यह धंधा पिछले काफी समय से फल-फूल रहा था ।
एआरटीआे से जानकारी के बाद मारा छापा
इस पूरे मामले में एसपी सिटी आकाश तोमर ने बताया कि इंदिरापुरम पुलिस को मुखबिर द्वारा इसकी सूचना मिली जिसके आधार पर पुलिस ने अपना जाल बिछाते हुए संभागीय परिवहन से उनके किसी ऐसे काउंटर खोले जाने की सूचना प्राप्त की, लेकिन संभागीय परिवहन द्वारा पुलिस को पता चला कि इस तरह का उनका कोई भी काउंटर नहीं है। जिसके बाद पुलिस ने गुरुवार को उस जगह छापा मारा जहां पर फर्जी एआरटीओ की वेबसाइट बना कर फर्जी तरीके से पैसेंजर कैब टैक्स वसूला जा रहा था पुलिस ने इस दौरान मौके पर मौजूद मनोज पुत्र रूपचंद निवासी मोटा थाना मुरादनगर को धर दबोचा है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक लैपटॉप, एक प्रिंटर,16000 रुपये की नगदी और एआरटीओ की दो फर्जी मोहर के अलावा एक मोबाइल फोन और तमाम फर्जी रसीद भी बरामद की है। पुलिस अभी इस पूरे मामले में जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी गिरफ्तार किए गए युवक से गहन पूछताछ में जुटी है।
फर्जीवाड़े से बचाने के लिए ही टैक्स जमा करने के लिए गर्इ है आॅनलाइन व्यवस्था
उधर हमने इस की पुष्टि करने के लिए गाजियाबाद के संभागीय परिवहन के एआरटीओ विश्वजीत प्रताप सिंह से भी जानकारी ली तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि संभागीय परिवहन द्वारा ऐसा कोई भी और कहीं भी काउंटर अलग से नहीं बनाया है। जहां पर इस तरह से टैक्स जमा किया जा सकें। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टैक्स जमा करने की सुविधा सरकार द्वारा केवल इसी लिए ही दी गई है। ताकि लोगों के साथ कहीं किसी तरह का कोई फर्जीवाड़ा ना हो सके