गाज़ियाबाद

कांवड़ यात्रा के चलते गाजियाबाद में 4 से 12 अगस्त तक सभी स्कूल बंद, प्रशासन ने जारी किया आदेश

School Holiday Latest News: गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को देखते हुए 4 से 12 अगस्त तक नर्सरी से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे। इस दौरान कई स्कूल पढ़ाई जारी रखने के लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करेंगे।
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4 से 12 अगस्त तक बंद रहेंगे स्कूल। फोटो- पत्रिका

गाजियाबाद। कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ने वाली भीड़, ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए गाजियाबाद जिला प्रशासन ने नर्सरी से 12वीं तक के सभी स्कूलों में 4 अगस्त से 12 अगस्त तक अवकाश घोषित कर दिया है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है।

ऑफलाइन कक्षाएं पूरी तरह बंद

जारी आदेश के अनुसार गाजियाबाद जिले के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी, सीबीएसई, आईसीएसई, यूपी बोर्ड और अन्य मान्यता प्राप्त बोर्डों के स्कूल इस अवधि में बंद रहेंगे। मदरसा बोर्ड से संचालित शिक्षण संस्थान भी इस आदेश के दायरे में शामिल हैं। इस दौरान ऑफलाइन कक्षाएं पूरी तरह बंद रहेंगी। प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में कांवड़ियों की आवाजाही रहती है। इसके चलते कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाता है, जिससे सामान्य यातायात प्रभावित होता है।

ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने का फैसला

ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूल वाहनों की आवाजाही सुरक्षित और सुचारु रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। हालांकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए कई निजी और पब्लिक स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने का फैसला किया है। स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को ऑनलाइन कक्षाओं का समय, लिंक और अन्य जरूरी जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं, ताकि विद्यार्थी घर से ही पढ़ाई जारी रख सकें।

कांवड़ यात्रा को लेकर फैसला

गाजियाबाद से पहले उत्तर प्रदेश के मेरठ और मुजफ्फरनगर जिलों में भी कांवड़ यात्रा को देखते हुए 3 अगस्त से 10 अगस्त तक स्कूल और कॉलेज बंद रखने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। हरिद्वार से जल लेकर लौटने वाले कांवड़िए इन जिलों से होकर अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। यात्रा के दौरान लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही रहने से सड़क यातायात पर व्यापक असर पड़ता है और सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ते हैं। प्रशासन का कहना है कि सावन के दौरान कांवड़ यात्रा अपने चरम पर रहती है।

आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश

ऐसे में बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसी वजह से संबंधित जिलों में समय-समय पर स्कूलों के संचालन को लेकर आवश्यक निर्णय लिए जा रहे हैं। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने सभी शिक्षण संस्थानों को आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा गया है कि यदि किसी स्कूल में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जाती हैं तो उनकी जानकारी समय से विद्यार्थियों और अभिभावकों तक पहुंचाई जाए, ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो और सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाओं का पालन भी सुनिश्चित किया जा सके।

Updated on:
03 Aug 2026 08:18 pm
Published on:
03 Aug 2026 08:07 pm
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