32 वर्षीय हरीश राणा, जिन्होंने इच्छामृत्यु की अनुमति पाई थी, उनका AIIMS दिल्ली में निधन हो गया। वे 13 साल से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे।
Harish Rana Death News: 32 वर्षीय हरीश राणा, जो इच्छामृत्यु पाने वाले भारत के पहले व्यक्ति बने उनका मंगलवार को दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। उन्होंने करीब शाम 4 बजे अपनी अंतिम सांस ली। हरीश पिछले 13 साल से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे।
हरीश राणा की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार और गाजियाबाद की राज एम्पायर सोसायटी में सन्नाटा छा गया। हर कोई मौन नजर आ रहा है। परिवार की ओर से सोसायटी के व्हाट्सएप ग्रुप पर सूचना दी गई कि उनका अंतिम संस्कार बुधवार सुबह 9 बजे दिल्ली के ग्रीन पार्क शवदाह गृह में किया जाएगा। बता दें कि हरीश राणा दिल्ली में रहते थे, लेकिन चार साल पहले परिवार ने दिल्ली का घर बेचकर गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित राज एम्पायर सोसायटी में शिफ्ट हो गए। यहां उनके पिता अशोक राणा, माता निर्मला राणा और छोटे भाई आशीष लगातार 13 साल से उनकी देखभाल कर रहे थे। पूरा परिवार हरीश की सेवा में जुटा रहा।
सुप्रीम कोर्ट से इच्छामृत्यु की अनुमति मिलने के बाद हरीश राणा और उनका परिवार पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। हरीश लंबे समय से बहुत दर्द भरी जिंदगी जी रहे थे। उन्होंने इच्छामृत्यु का फैसला लिया था ताकि इस नश्वर शरीर को शांति से त्याग सकें। शुरू में परिवार ने कहा था कि वे अपने बहादुर बेटे की अंतिम यात्रा गाजियाबाद से ही निकालेंगे और हिंडन घाट श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार करेंगे। लेकिन एम्स में मेडिकेटेड बॉडी और कुछ अन्य मेडिकल कारणों की वजह से डॉक्टरों की सलाह पर परिवार ने फैसला बदला। अब अंतिम संस्कार दिल्ली के ग्रीन पार्क शवदाह गृह में बुधवार सुबह 9 बजे होगा।
हरीश राणा ने 13 साल तक मौत से लड़ाई लड़ी। इस दौरान उनका परिवार हर पल उनके साथ खड़ा रहा। दिल्ली का घर बेचकर गाजियाबाद आने का मुख्य कारण भी हरीश की बेहतर देखभाल करना था। परिवार ने हर संभव कोशिश की कि हरीश को आराम मिले। हरीश की मौत के बाद सोसायटी के लोग भी भावुक हो गए हैं। कई लोग कह रहे हैं कि हरीश ने बहुत हिम्मत से अपनी बीमारी का सामना किया। उनका संघर्ष लोगों को प्रेरणा देता रहेगा। परिवार अब अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटा है। बुधवार सुबह 9 बजे ग्रीन पार्क शवदाह गृह में श्रद्धांजलि देने के लिए लोग पहुंचेंगे। हरीश राणा की याद में पूरा इलाका शोक में डूबा हुआ है।