मानव अधिकार आयोग ने डीएम और एसएसपी को पेश होने के लिए तलब किया है।
गाजियाबाद। यूपी में अब अधिकारी आयोग के आदेशों को भी दरकिनार कर रहे हैं। महानगर गाजियाबाद में कई बार रिमाइंडर भेजे जाने और अधिकारियों द्वारा आयोग की जांच टीम के फोन न उठाए जाने के बाद में अब मानव अधिकार आयोग की तरफ से डीएम और एसएसपी को समन भेजकर व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए तलब किया गया है। दरअसल, दो महीने पहले बिना किसी कारण बताए गाजियाबाद एसएसपी के आदेश पर मानव अधिकार आयोग के कार्यकर्ता की सुरक्षा हटा ली गई थी। कार्यकर्ता कई अहम मामलों की पैरवी कर रहे हैं और सुरक्षा हटाए जाने पर पिछले साल पलायन कर लिया था। अब 19 अप्रैल को एसएसपी और डीएम को इस मामले में पेश होकर अपना पक्ष रखना है।
क्या है पूरा मामला
शहीद नगर निवासी मानव अधिकार कार्यकर्ता राजीव कुमार शर्मा को शहीद नगर में अवैध रूप से संचालित जैकिट फैक्ट्री में हुई 13 लोगो को मौत, फरुखनगर में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुई 5 लोगो की मौत, शहीद नगर में डेयरी संचालक सिंघासन यादव हत्याकांड की मानव अधिकार आयोग में पैरोकारी करने और इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने पर फैक्ट्री माफियाओ की और से जान से मारने की धमकी मिल रही थी। मानव अधिकार कार्यकर्ता राजीव कुमार शर्मा को जिले के तत्कालीन एसएसपी दीपक कुमार द्वारा तीन मार्च 2017 को साहिबाबाद थाने से एक सुरक्षा कर्मी उपलब्ध कराया था।
आयोग के आदेश पर फिर से मिली सुरक्षा
राजीव कुमार शर्मा ने 4 मई 2017 में सुरक्षा हटाये जाने को डीएम, एसएसपी से लेकर मुख्यमंत्री और मानव अधिकार आयोग से सुरक्षा की गुहार लगाई। मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए तत्कालीन डीएम मिनिस्ती एस को फटकार लगाई और राजीव कुमार शर्मा को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के आदेश दिए। डीएम के आदेश पर साहिबाबाद थाने से बारह जुलाई को पुनः सुरक्षा उपलब्ध करा दी गयी । 22 फरवरी 2018 को फिर से इसे हटा लिया गया।
ह्यूमन राइट डिफेंडर का कहना
ह्यूमन राइट डिफेंडर राजीव शर्मा ने बताया कि मानव अधिकार आयोग के जांच अधिकारी ने आयोग को प्रेषित अपनी जांच रिपोर्ट में बताया कि मानव अधिकार कार्यकर्ता राजीव कुमार शर्मा की सुरक्षा को लेकर डीएम और एसएसपी गाजियाबाद गंभीर नहीं है। इसीलिए डीएम और एसएसपी को सम्मन जारी कर आयोग में तलब किया जाए। अब 19 अप्रैल को आयोग को दोनों अधिकारियों को आयोग के समक्ष पेश होकर सुरक्षा हटाए जाने की रिपोर्ट भी देनी पड़ेगी।