Highlights - जिलाधिकारी डॉ. अजय शंकर पांडेय ने किया रैन बसेरों का निरीक्षण - रैन बसेरों के बिस्तरों का ही किया इस्तेमाल - डीएम को अपने बीच पाकर खिले लोगों के चेहरे
गाजियाबाद. सरकारी रैन बसेरों (Shelter Home) का हाल किसी से छिपा नहीं है। आए दिन रैन बसेरों में बदइंतजामी की शिकायतें मिलती रहती हैं। लेकिन, इस बार गाजियाबाद (Ghaziabad) के रैन बसेरों में रुकने वाले लोगों को दी जा रही सुविधाओं को लेकर जिलाधिकारी डॉ. अजय शंंकर पांडेय (DM Dr. Ajay Shankar Pandey) कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसी कड़ी में एक समाजसेवी ने डीएम से रैन बसेरों की बदइंतजामी की शिकायत की, जिसके बाद डीएम देर रात खुद रैन बसेरों का निरीक्षण करने पहुंचे और सुविधाओं का जायजा लेते रैन बसेरे में ही रात बिताई। इतना ही नहीं डीएम ने इस दौरान रैन बसेरे के बिस्तर का ही इस्तेमाल भी किया। यह देख हर कोई हैरान रह गया।
दरअसल, शिकायत मिलने के बाद मंगलवार रात करीब 11 बजे आईएएस डाॅ. अजय शंकर पांडेय रैन बसेरों की सुविधाओं का निरीक्षण करने निकले। इस दौरान वह अर्थल में बनाए गए रैन बसेरे में पहुंचे और करीब आधे घंटे तक व्यवस्था का जायजा लेते हुए खामियों को दुरूस्त करने के निर्देश दिए। इसके बाद डीएम राजनगर स्थित रैन बसेरे में पहुंचे। जहां वह रैन बसेरे में ठहरे लोगों के बीच एक बिस्तर पर बैठ गए और लोगों से रैन बसेरे में हो रही परेशानी को लेकर बात की। इस दौरान डीएम के ओएसडी ने उस समाजसेवी को भी फोन लगाया, जिन्होंने रैन बसेरे में अव्यवस्था की शिकायत की थी। ओएसडी ने कहा कि डीएम आपके आवास के पास ही रैन बसेरे में रात गुजार रहे हैं। वह मौके पर आकर देख लें। इस पर समाजसेवी 15 मिनट में आने की बात कही और फिर फोन भी बंद कर लिया।
बता दें कि डीएम ने कार्यालय से जुड़े कार्य भी रैन बसेरे के रजाई-कंबल के बीच बैठकर निपटाए। यहां वह 3 घंटे तक रहे और ठंड से परेशान लोगों को गर्म कपड़े आदि मंगवाकर भी दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि रैन बसेरों में लोगों को दी जा रही सुविधाएं ठीक मिलीं। हालांकि कुछ खामियां भी देखने को मिली हैं, जिन्हें जल्द ही ठीक करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। वहीं, जिलाधिकारी के इस कदम से रैन बसेरे में रह रहे लोग भी काफी खुश दिखे। इस दौरान लोगों ने कहा कि उन्होंने ऐसा डीएम पहले कभी नहीं देखा है, जाे सभी की फिक्र करता हो।