ये है ऐसा शिक्षण संस्थान जहां शहीदों के बच्चों मिलेगी फ्री शिक्षा

श्रृद्धाजंलि अभियान के तहत सैन्य,अर्धसैनिक, पुलिस के शहीदों के बच्चे करेंगे पढाई
less than 1 minute read
• •
Updated: 10 May 2016, 6:23 PM IST
coaching
coaching
गाजियाबाद
। महानगर में अब सैन्य, अर्धसैनिक और पुलिस बल में शहीदों के बच्चे भी दूसरे बच्चों की तरह आईपीएस, आईएस, सेना की तैयारी कर सकेगें। आंतकवादी विरोधी और राष्ट्रीय एकता के पैरोकार एमएस बिट्टा (मन्दिरजीत सिंह ) की संस्था के साथ में पैरामाउंट कोचिंग सेंटर ने श्रृद्धाजंलि अभियान की शुरूआत की है। इसके तहत उनके कोचिंग सेंटर में देश की सेवा करने वाले सभी जवानों के शहीद बच्चों को कोचिंग सेंटरों में निःशुल्क शिक्षा दी जाएगी।


शहीदों के लिए है श्रृद्धाजंलि


ऑल इंडिया एंटी टैरेरिस्ट फ्रंट के चैयरमैन एमएस बिट्टा ने बताया कि सीमा पर लड़ने के दौरान हमारे देश के जवान शहीद हो जाते हैं। सेना में अच्छे पदों पर रहने वाले शहीदों के बच्चे बाद में उच्च शिक्षा ले लेते हैं। लेकिन सिपाही और गरीब परिवार से शहीद होने वाले जवान के बच्चे को इसके लिए भटकना पड़ता है। ऐसे में शहीदों के बच्चों को उच्च शिक्षा मिलकर दोबारा से सेना और दूसरी सरकारी जॉब के लिए उन्हें तैयार कराना सही मायने में एक अच्छी श्रृद्धाजंलि है।


शहीदों के बच्चों को मिलेगी रहने खाने और पढ़ने की व्यवस्था


कोचिंग सेंटर के डॉयरेक्टर राजीव सौमित्र ने बताया कि लखनऊ, दिल्ली, समेत अन्य जगहों पर उनकी ब्रांच चल रही है। आज गाजियाबाद में सातवीं ब्रांच खोली गई है। जोकि सिर्फ शहीदों के बच्चों के लिए समर्पित होगी। यहां पर आर्थिक आधार पर उनका चयन किया जाएगा। कोचिंग सेंटर ही बच्चों के खाने पीने रहने और पढ़ने की जिम्मेदारी लेगी।

Published on: