Highlights - 28 जनवरी को लगभग खत्म हो चुके किसान आंदोलन को फिर मिली धार - राकेश टिकैत का रोने का वीडियो वायरल होने के बाद गाजीपुर पहुंचे हजारों किसान - प्रशासन ने एहतियातन इंटरनेट सेवा को किया बंद
गाजियाबाद. 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर रैली (Tractor Rally) के दौरान भड़की हिंसा के बाद गाजीपुर बॉर्डर (Ghazipur Border) पर किसान आंदोलन (Farmers Protest) खत्म होने की कगार पर पहुंच चुका था, लेकिन भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) के आंसुओं ने एक बार फिर किसान आंदोलन को धार दे दी है। हजारों की संख्या में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के विभिन्न जिलों से किसानों के बड़े-बड़े जत्थे गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंच चुके हैं। किसानों ने शनिवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर 26 जनवरी की हिंसा पर दुख जताने के लिए एक दिन के अनशन का ऐलान किया है।
उल्लेखनीय है कि 26 जनवरी की हिंसा के बाद गाजीपुर बॉर्डर पर दो महीने से जमा किसान अपने-अपने घरों को लौट गए थे। धरना स्थल पर राकेश टिकैत समेत गिनती के किसान ही रह गए थे। 28 जनवरी को समाप्त होते दिख रहे आंदोलन में राकेश टिकैत के आंसुओं वाले वीडियो ने फिर से जान फूंक दी है। वीडियो वायरल होने के बाद से किसानों का गाजीपुर कूच जारी है। अब तक यहां हजारों की संख्या में किसान पहुंच चुके हैं। किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में सुरक्षा बल को तैनात किया गया है। अब यहां उत्तर प्रदेश के साथ ही उत्तराखंड और हरियाणा के किसान भी पहुंच रहे हैं।
इंटरनेट सेवा बंद
गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन भी सख्ती बरत रहा है। प्रशासन ने धरना स्थल से लेकर आधा किलोमीटर की दूरी तक इंटरनेट सेवा को पूरी तरह बंद दिया है। जिला प्रशासन के अधिकारियों को कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है, ताकि यहां किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हो सके।
रविवार को किसानों का दिल्ली कूच
इधर, भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने शनिवार को कहा कि रविवार को बागपत में पंचायत होगी, जिसके बाद हम दिल्ली कूच करेंगे। उन्होंने बताया कि पंचायत में किसानों पर हो रही राजनीति को लेकर मंथन किया जाएगा। बता दें कि गाजीपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन का शनिवार को 64वां दिन है।