UP Teachers: उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की कम छुट्टियां होने पर जांच के आदेश दिए गए है। संदेह है कि शिक्षकों ने छुट्टियों में फर्जीवाड़ा किया।
प्रदेश के कई जिलों में प्राथमिक शिक्षक बहुत कम छुट्टियां ले रहे हैं। मानव संपदा पोर्टल आईवीआर कॉल के फीडबैक में पता चला है कि पांच जिलों में तो शिक्षकों के छुट्टी लेने की दर अस्वाभाविक हद तक कम हो गई है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा को संदेह है कि बस्ती, गाजियाबाद, लखनऊ, मऊ और उन्नाव में शिक्षक बिना ऑनलाइन आवेदन और स्वीकृति के छुट्टी ले रहे हैं। फर्जी उपस्थिति दर्शाई जा रही है। उन्होंने इन जिलों के बीएसए को निरीक्षण व जांच का आदेश दिया है। मुख्यालय की विशेष टीमों से जांच की बात भी कही है। सुरजीत कुमार सिंह, बीएसए के अनुसार शहर के स्कूलों में जो पहले चरण में निरीक्षण हुए हैं, उसमें 90 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। इनकी छुट्टी पोर्टल पर चेक कराई जा रही है।
पहली बार कम छुट्टियों पर जांच
ऐसा पहली बार है जब कम छुट्टियां लेने पर संदेह और जांच की नौबत आ गई है। परिषदीय विद्यालयों में अब छुट्टी ऑनलाइन आवेदन करके ली जाती है। इस पोर्टल पर कौन शिक्षक किस तरह के कितने अवकाश ले रहा है, उसकी भी जानकारी मिल जाती है। इन पांच के अलावा भी कुछ अन्य जिलों में स्थिति तकरीबन ऐसी ही है।
निरीक्षण को भी चेतावनी
बस्ती, गाजियाबाद, लखनऊ, मऊ और उन्नाव के बेसिक शिक्षा अधिकारियों और यहां के खंड शिक्षा अधिकारियों को महानिदेशक ने सचेत किया है। 29 जुलाई को जारी आदेश में कहा गया है कि यहां ऑनलाइन अवकाश के लिए आवेदन बेहद कम आए हैं। इससे प्रतीत होता है कि शिक्षक अनियमित रूप से अनुपस्थित रहते हैं और अवकाश नहीं लेते। अधिकारियों द्वारा निरीक्षण में इस पर अधिक ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बिना आवेदन के गायब शिक्षक तो कर्यावाही
महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने कहा है कि यदि निरीक्षण के दौरान शिक्षक या कर्मचारी अनुपस्थित पाए जाते हैं और उन्होंने ऑनलाइन आवेदन नहीं किया है तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है तो महानिदेशक स्कूल शिक्षा के स्तर से टीमों का गठन कर निरीक्षण कराया जाएगा और दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।