kidney scandal: कानपुर किडनी कांड की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गैंग का मुख्य आरोपी डॉ. रोहित गाजियाबाद के इंद्रापुरम का निकला, उसके घर पर छापेमारी हुई है, लेकिन वह अभी फरार है।
kidney scandal : कानपुर के कुख्यात किडनी कांड की जांच कर रही पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। गैंग का मुख्य चेहरा और 'अबूझ पहेली' बना डॉ. रोहित आखिरकार पुलिस की रडार पर आ गया है। जांच में खुलासा हुआ है कि डॉ. रोहित लखनऊ का नहीं, बल्कि गाजियाबाद के इंद्रापुरम (न्यायखंड-1) का निवासी है। पुलिस ने उसके घर पर छापेमारी की है, हालांकि वह फिलहाल फरार बताया जा रहा है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, डॉ. रोहित एनेस्थीसिया विशेषज्ञ है और ऑपरेशन के दौरान मरीजों को बेहोश करने का काम करता था, जबकि ओटी मैनेजर मुदस्सर अली सिद्दीकी किडनी ट्रांसप्लांट की पूरी प्रक्रिया को अंजाम देता था। जांच में यह भी सामने आया है कि डॉ. रोहित का गाजियाबाद और नोएडा के मेडिकल क्षेत्र में बड़ा नेटवर्क फैला हुआ है। वहीं, पुलिस को गैंग के सदस्यों के बीच हुई कुछ बातचीत की रिकॉर्डिंग भी मिली हैं, जिनके आधार पर दावा किया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार से डॉ. रोहित अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक की काली कमाई कर चुका है।
आपको बता दें कि डॉ. रोहित पहचान और तलाश के लिए पिछले कई दिनों से पुलिस संघर्ष कर रही थी। इसी बीच पुलिस
ने लखनऊ की एक ट्रैवल एजेंसी की जांच की। डॉ. रोहित ने यहीं से अपने साथियों (मुदस्सर अली, राजेश कुमार और कुलदीप सिंह) के लिए इंडिगो फ्लाइट के टिकट बुक कराए थे। इस बुकिंग के दौरान इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों से पुलिस को उसका आधार कार्ड मिल गया, जिससे उसके इंद्रापुरम वाले पते की पुष्टि हुई।
पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए आरोपियों के नाम सामने आ रहे हैं। जांच में साहिल नाम के एक व्यक्ति का जिक्र आया है जो एजेंट शिवम अग्रवाल की तरह ही डॉ. रोहित के लिए काम करता है। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, साहिल ने एक जरूरतमंद महिला को झांसा दिया कि डॉ. रोहित 40 लाख रुपये में ट्रांसप्लांट करते हैं, लेकिन वह उसे 20 लाख में करवा देगा। महिला से 20 लाख रुपये ऐंठने के बाद साहिल फरार हो गया। पुलिस अब साहिल और डॉ. रोहित दोनों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
डॉ. रोहित का मोबाइल फिलहाल स्विच ऑफ है, जिससे उसकी सटीक लोकेशन का पता नहीं चल पा रहा है। पुलिस की कई टीमें गाजियाबाद, नोएडा और लखनऊ में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का मानना है कि डॉ. रोहित की गिरफ्तारी से इस अंतरराष्ट्रीय किडनी रैकेट के कई और सफेदपोश चेहरों से नकाब उतर सकता है।