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अस्थियों को नोचते कुत्तों का वीडियो वायरल, हिंडन श्मशान घाट में शर्मनाक मंजर…नगर आयुक्त से कार्रवाई की मांग

Ghaziabad : गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित हिंडन श्मशान घाट का एक दिल दहला देने वाला वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें आवारा कुत्ते अस्थियों और अधजले अवशेषों को नोचते नजर आ रहे हैं। इस घटना ने प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और लोगों में आक्रोश बढ़ा है।

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Video dogs gnawing ashes Ghaziabad crematorium goes viral

अस्थियां खाते कुत्ते - सोर्स- सोशल मीडिया

Ghaziabad : साहिबाबाद के हिंडन तट स्थित श्मशान घाट से एक ऐसी हृदयविदारक तस्वीर सामने आई है, जिसने मानवता और आस्था दोनों को झकझोर कर रख दिया है। पिछले चार दिनों से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक विचलित करने वाले वीडियो ने न केवल स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, पत्रिका इस वीडियो की पुष्टी नहीं करता है, लेकिन यह वीडियो मृतकों की गरिमा को भी दांव पर लगा दिया है। इस वायरल वीडियो में बेसहारा और आवारा कुत्ते श्मशान घाट के भीतर जलती चिताओं की अस्थियों और अधजले मानव अवशेषों को अपना निवाला बनाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय निवासी सुनील वैद ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने पत्र में कहा कि श्मशान घाट जैसे पवित्र स्थान पर मृतकों के प्रति यह स्थिति घोर असम्मानजनक है। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि परिसर के चारों ओर ऊंची दीवार या मजबूत फेंसिंग की जाए ताकि आवारा पशुओं की एंट्री रोकी जा सके, मर्यादा बनाए रखने के लिए 24 घंटे सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए और अंतिम संस्कार के बाद अवशेषों के सम्मानजनक एवं वैज्ञानिक तरीके से निपटान की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

आवारा पशुओं के आतंक से लोग परेशान

क्षेत्र में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या अब स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। लोगों का कहना है कि यह परेशानी लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस और स्थायी कदम नहीं उठाया गया है। खासकर श्मशान घाट जैसे संवेदनशील स्थान पर इन पशुओं की आवाजाही से लोगों में आक्रोश और चिंता दोनों बढ़ रहे हैं। निवासियों ने मांग की है कि नगर निगम इस मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए कुत्तों की नसबंदी के लिए विशेष अभियान चलाए, ताकि उनकी संख्या नियंत्रित की जा सके। इसके साथ ही इन आवारा पशुओं के लिए अलग से शेल्टर होम या सुरक्षित स्थान की व्यवस्था की जाए, जिससे वे रिहायशी इलाकों और श्मशान घाट जैसे पवित्र स्थलों में प्रवेश न कर सकें। लोगों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।

धार्मिक भावनाओं और पवित्रता का सवाल

गाजियाबाद के हिंडन नदी का यह श्मशान घाट क्षेत्र का प्रमुख अंतिम संस्कार स्थल है। हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार के बाद अस्थियों और अवशेषों की पवित्रता का विशेष महत्व है। सुनील वैद ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही साफ-सफाई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो लोगों का रोष बढ़ सकता है। प्रशासन से मांग की गई है कि श्मशान घाट की गरिमा बहाल करने के लिए नियमित सफाई और निगरानी सुनिश्चित की जाए।