स्कूल प्रबंधन ने फीस माफ नहीं की तो छात्रा के पिता ने वकील के जरिए स्कूल को कानूनी नोटिस जारी किया है।
गाजियाबाद। शहर के नामी स्कूलों में जहां अभिभावकों की जेब काटने का काम किया जा रहा है। वहीं अब स्कूलों की मनमानी पर अभिभावकों ने खुद से नकेल कसनी शुरू कर दी है। दरअसल, शहर के जीडी गोयनका स्कूल की तरफ से अपने ब्रॉशर में बताया गया था कि 10वीं कक्षा में किसी छात्र-छात्रा को 10 सीजीपीए हासिल होता है तो उसकी11वीं और 12वीं कक्षा की फीस नहीं ली जाएगी। एक छात्रा को 10 सीजीपीए अंक प्राप्त होने के बाद भी स्कूल प्रबंधन ने फीस माफ नहीं की। इसके बाद छात्रा के अभिभावक ने वकील के जरिए स्कूल को कानूनी नोटिस जारी किया है।
क्या है पूरा मामला
राजेंद्र नगर (साहिबाबाद) निवासी नीरज कुमार ने तीन साल पहले अपनी बेटी का दाखिला राजनगर एक्सटेंशन स्थित जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में कराया था। उस समय स्कूल प्रबंधन ने अपने ब्रोशर के माध्यम से वादा किया था कि अगर अपकी बेटी 10वीं की बोर्ड परीक्षा में 10 सीजीपीए ग्रेड हासिल करती है तो 11वीं और 12वीं कक्षा में उसकी कोई फीस नहीं ली जाएगी। इसके अलावा उसे छात्रवृत्ति और नि:शुल्क पुस्तकें भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
उपभोक्ता फोरम के लिए जारी किय़ा नोटिस
सत्र 2016-17 की बोर्ड परीक्षा में नीरज की बेटी ने 10 सीजीपीए अंक हासिल किए थे। इसके बाद पैरेंट-टीचर मीटिंग में नीरज ने स्कूल प्रबंधन को उनका वादा याद दिलाया तो स्कूल अपने वादे से मुकर गया। स्कूल ने नीरज पर दबाव बनाकर 2 लाख रुपए फीस के रूप में वसूल लिए। इसके बाद स्कूल प्रबंधन को नीरज कुमार ने वकील विनय कुमार उपाध्याय के जरिए 18 प्रतिशत ब्याज के साथ फीस वापसी के लिए लीगल नोटिस जारी किया है। वकील विनय उपाध्याय ने बताया कि स्कूल प्रबंधन यदि अपने वादे पर कायम नहीं रहता है तो हम उपभोक्ता फोरम में इसकी शिकायत करेंगे।
स्कूल प्रिसिंपल का कहना
राजनगर एक्सटेंशन स्कूल की प्रिसिंपल वंदना ने बताया कि स्कूल की तरफ से किसी तरीके के नियमों का उल्लंघन नहीं किया जा रहा है। बच्ची के 10 सीजीपी जरूर आए है, उस समय फ्री स्कॉलरशिप क लिए शर्त रखी गई थी कि 11 में फ्री एजुकेशन के लिए एट्रेंस एग्जाम होगा। एग्जाम में 25 छात्रों ने हिस्सा लिया। इनमें से 15 पास हुए और फेल होने वाले दस बच्चों में ये बच्ची भी शामिल थी। बाकि पास हुए बच्चों को स्कूल की तरफ पूरी स्कॉलरशिप दी गई है।