गाज़ियाबाद

चुनाव के दौरान मतदान कर्मियों ने की बड़ी गलती, अब चुनाव आयोग को लेना पड़ा यह फैसला

23 अप्रैल को अंतिम चरण में होगी मतगणना चुनाव आयोग ने वीवीपैट के जरिए मतगणना करने के दिए निर्देश ईवीएम से मतगणना के बाद 5 बूथों के मतों का मिलान वीवीपैट से होगा

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चुनाव के दौरान मतदान कर्मियों ने की बड़ी गलती, अब चुनाव आयोग को लेना पड़ा यह फैसला

गाजियाबाद. लोकसभा चुनाव के छठे चरण का मतदान हो चुका है। 19 अप्रैल को अंतिम चरण का मतदान होना है। उसके बाद 23 मई को मतगणना होगी। मतगणना की तैयारियां चुनाव आयोग ने शुरू कर दी है। मतदान कर्मियों की गलती की वजह से मोदीनगर और लोनी के पांच बूथों पर वीवीपैट के जरिए मतगणना होगी।

गाजियाबाद के जिलाधिकारी ने सोमवार को लोकसभा चुनाव की मतगणना को लेकर कलेक्ट्रेट में अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने मतगणना को लेकर दिशा—निर्देश जारी कर दिए है। एडीएम वित व राजस्व सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मोदीनगर में 4 व 5 और लोनी में बूथ संख्या 171 व 478 पर माॅक पोल का डाटा डिलीट किए बिना पोलिंग पार्टिर्यों ने मतदान शुरू करा दिया था। पोलिंग पार्टियों को मतदान से पहले मतों को हटाने के लिए सीआरसी करना था। ऐसा न होने से बूथ पर पड़े कुल मतों और ईवीएम में दर्ज मतों में अंतर आएगा। चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि वीवीपैट में पड़े मतोें की गणना की जाए।

इन बूथों पर वीवीपैट की पर्ची से होगी गिनती

ईवीएम से मतगणना के बाद हर विधानसभा में 5 बूथों के मतों का मिलान वीवीपैट से किया जाएगा। पोस्टकार्ड पर बूथ नंबर लिखा जाएगा। उसके बाद ईवीएम और वीवीपैट में पड़ी पर्चियों का मिलान किया जाएगा। अगर इवीएम में पड़े मत और पर्चियों में अंतर मिलता है तो तो दौबारा मिलान किया जाएगा। अगर दौबारा अंतर आता है तो वीवीपैट में पड़े मतों को सहीं माना जाएगा।

Published on:
14 May 2019 12:01 pm