किसानों ने चेतावनी देते हुए ऐलान किया कि शुक्रवार शाम तक विधायक पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो हम DM और एसएसपी ऑफिस का घेराव कर मुकदमा दर्ज कराएंगे।
गाजियाबाद। आवास विकास परिषद् गाजियाबाद की मंडोला विहार योजना से प्रभावित 6 गांव के किसान पिछले 13 महीने से अपनी मांगों को लेकर शांति पूर्वक गांधीवादी तरीके से धरना प्रदर्शन करते आ रहे हैं। गुरुवार को इस अर्धनग्न प्रदर्शन का 23वां दिन रहा। गत दिनों बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर द्वारा प्रदर्शनकारी किसानों सहित उनके नेता मनवीर तेवतिया पर रिश्वत लेने और इस आंदोलन के लिए कांग्रेस द्वारा फंडिंग करने के आरोप लगाए गए। जिससे किसानों का गुस्सा भड़क गया है।
विधायक के आरोपों का विरोध करते हुए किसानों ने SDM लोनी और ट्रॉनिकासिटी थाना इंचार्ज से अपील करते हुए कहा कि विधायक आरोपों का सबूत दें नहीं तो किसानों और आन्दोलन का अपमान करने के जुर्म में उन पर एफआईआर दर्ज कर मुकद्दमा चलाया जाए। गुरुवार को किसान सत्याग्रह के 23वें दिन अर्धनग्न किसान नीरज त्यागी पुत्र तेजसिंह की हालत बिगड़ी गई। उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। उनके सीने में तेज दर्द है। उन्हें ऑक्सीजन मास्क लगाया गया है। इनके अलावा कई अन्य किसानों की भी तबियत बिगड़ने की खबरें आई हैं।
किसानों ने चेतावनी देते हुए ऐलान किया कि यदि शुक्रवार शाम तक विधायक पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो हम जिलाधिकारी और एसएसपी ऑफिस का घेराव कर मुकदमा दर्ज कराएंगे। साथ ही किसानों ने कहा कि बुधवार की रात धरनास्थल से पुलिस की ड्यूटी हटा लेना और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा शराब पीकर गाली देना और झगड़ा करना पुलिस प्रशासन और भाजपा नेताओं की मिलीभगत और साजिश की और इशारा करता है।
आन्दोलन के आयोजक और आन्दोलनकारी किसान एसएसपी और डीएम से अपील करते हैं कि धरनास्थल और किसानों की सुरक्षा बढ़ाई जाए। यदि कोई दुर्घटना धरने पर होती है तो इसकी सारी जिम्मेदारी पुलिस और जिला प्रशासन की होगी। गुरुवार को किसानों के धरने पर बुंदेलखंड तिरहार विकास मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद आजाद व सचिव रामकिशोर भी धरने पर पहुंचे। धरनारत किसानों को संबोधित करते हुए प्रमोद आजाद ने क्षेत्रीय विधायक द्वारा किसानों व किसान नेता मनवीर तेवतिया पर बेबुनियादी आरोप लगाए जाने की निंदा की और सरकार से लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर की विधानसभा सदस्यता निरस्त करने की मांग की। गुरुवार को धरनास्थल पर सैकड़ों किसान व महिलाएं उपस्थित रहीं।