नगर निगम की लापरवाही से चार साल मासूम की नाले में डूबने से जिंदगी चली गई।
गाजियाबाद। महानगर गाजियाबाद में नगर निगम की लापरवाही से एक और मासूम की जिंदगी चली गई। दरअसल, मंगलवार दोपहर में एक चार साल का एक मासूम अपने भाई के साथ गुलजार कॉलोनी में खेल रहा था। इस दौरान खेलते हुए वह नाले के पास पहुंच गया और अचानक उसमें गिर गया। भाई को नाले में गिरा देख घबराकर दूसरा भाई अपने घर पहुंचा और सारी बात मां को बताई।
जिसके बाद रोती हुई मां नाले के पास पहुंची तो लोगों को घटना का पता चला। नाले में चप्पल तैरता देख डूबने की जानकारी होने पर लोगों ने नाले में कूदकर मासूम को निकाला। जिसे एमएमजी अस्पताल में लाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
निगम को ठहराया दोषी
बता दें कि नाले में गिरने से घटना पहले भी हो चुकी हैं। जिसे फिर से दोहरने से गुस्साएं लोग बड़ी संख्या में एमएमजी अस्पताल पहुंच गए। जिन्हें शांत कराने सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ मनीषा सिंह, घंटाघर कोतवाली समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल अस्पताल पहुंचा और परिवार के लोगों को दिलाशा दी। इस दौरान परिवार के लोगों को समझाकर अधिकारियों ने मामले को बढ़ने से रोकने की सकारत्मक कोशिश की। उधर पार्षद कैलाभट्टा ने नगर निगम के आयुक्त सीपी सिंह को बच्चे की मौत के लिए दोषी ठहराया। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट पीके दूबे ने पार्षद को समझाया और अभी से ही नाले को कवर किए जाने के संबंध में काम शुरू करने की बात कही।
क्या है पूरा मामला
कय्यूम अपने परिवार के साथ में गुलजार कॉलोनी कैला भट्टा में रहते हैं। पीड़ित पिता चार साल का उनका बेटा अयान अपने भाई के साथ में घर के पास में खेल रहा था। खेलने के दौरान वो नाले के पास पहुंच गया। यहां पर अचानक से वो नाले में गिर गया। इसके बाद में घबराकर दूसरा भाई दौड़ता हुआ मां के पास में पहुंचा और सारी बात बयां करी। मां के चीखपुकार के बाद में लोगों ने बच्चे को देखा तो चप्पल नाले पर तैर रही थी। उसी से बच्चे के डूबने का पता चला। सरकारी अस्पताल में ले जाने पर उसकी मौत हो गई।
परसों भी हुई थी घटना
तीन दिन पहले ही इस तरीके की एक और घटना गुलजार कॉलोनी में हुई थी। उस हादसे में आहिल नाम के बच्चे की मौत हुई थी। आहिल के परिवार के लोगों ने जमकर हंगामा किया था। पुलिस ने इसमें लाठी भांजी थी और शव को भी झिनने की कोशिश की थी। इस मामले में परिवार की शिकायत पर पुलिस ने निगम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसके अलावा भीड़ के सरकारी काम में बाधा डालने पर सौ से अधिक लोगों के खिलाफ अज्ञात में मुकदमा दर्ज हुआ था।
अधिकारी का कहना
सीओ मनीषा सिंह ने बताया कि एक चार साल के बच्चे की नाले में गिरकर मौत हुई है। परिवार के लोगों की तरफ से अगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की जाती है तो मुकदमा दर्ज करके नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सिटी मजिस्ट्रेट का कहना
सिटी मजिस्ट्रेट पीके दूबे ने बताया कि नाले में तीन दिन में दो बच्चों की गिरकर मौत हो चुकी है। इसके संबंध में निगम के अधिकारियों को तत्काल नाले को कवर किए जाने के दिशा निर्देश जारी किए गए है। गुलजार कालोनी में नाले को कवर किया जाएगा ताकि इस तरीके के हादसे न दोहरे।