गाज़ियाबाद

यूपी के इस शहर में नगर निगम के घोटाले को रोकेगी राष्ट्रीय भाषा हिंदी

टेंडर हिंदी और अग्रीमेंट इंग्लिश में करके होता है घोटाला, मेयर ने नगर आयुक्त को लिखा लेटर

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nagar nigam

गाजियाबाद। महानगर गाजियाबाद के नगर निगम में बीस साल से बीजेपी का राज रहा है। लेकिन इतने सालों में भी घोटालों का कलंक निगम के सिर से हट नहीं पाया है। समय बीतने के साथ साथ यहां पर घोटाले किए जाने के तरीके भी मार्डन हो गए है। पहले काम न करके घोटाले कर लिए जाते थे। लेकिन अब अधिकारियों की मिलीभगत के बाद में प्राईवेट फर्मो ने नया तरीका इजाद किया है। इसके तहत नगर निगम के टेंडर हिंदी में निकाले जाते है और फाइनल अग्रीमेंट इंग्लिश में किए जाते है। इनकी भाषाओं में चेंज कराकरक निजी फर्मे अपने काम को सिद्ध करा लेती है। ऐसे मामले सामने आने के बाद में अब मेयर की तरफ से इसके संबंध में कड़े कदम उठाते हुए सभी काम हिंदी भाषा में किए जाने के लिए कहा है। इसके लिए नगर आयुक्त को लेटर भी लिखा गया है।

यूनीपोल के मामले में किया गया खेल
अग्रीमेंट इंग्लिश में करके निगम को चूना लगाए जाने के कई मामले सामने आए। मसलन निगम में स्ट्रीट लाइट, एफओबी और यूनीपोल से लेकर तमाम ऐसे प्रोजेक्ट हैं जिनमें टेंडर हिंदी की भाषा में निकले और अनुबंध में इंग्लिश का का प्रयोग किया गया। नगरायुक्त भी मानते हैं कि कुछ कंपनियां इंग्लिश में ऐसे शब्दों का प्रयोग करती हैं। जिसके कई अर्थ से कंपनियों को फायदा होता है और नगर निगम को नुकसान। इसके अलावा इंग्लिश के कई ऐसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है जिसे निगम के कर्मचारी नहीं जानते। ऐसे में कंपनियों की पूरी मनमानी चलती है और इसमें ही खेल भी होता है।

बिना कम्पलीशन के लग गए विज्ञापन
शब्दो के खेल का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एफओबी के लिए विभिन्न कंपनियों द्वारा नगर निगम के साथ जो एग्रीमेंट किया गया वो इंग्लिश में है। टेंडर हिंदी भाषा में निकाला गया था, जिसमें शर्त थी कि कम्पलीशन नहीं लेने वाली कंपनी को एफओबी पर विज्ञापन लगाने का अधिकार नहीं होगा। इंग्लिश का उपयोग कर इसके महत्व को ही कम कर दिया गया और इसी के चलते शहर भर में लगे एक भी एफओबी के पास नगर निगम से कम्पलीशन नहीं है मगर कंपनियां धड़ल्ले से विज्ञापन लगाकर कमाई का खेल खेल रही है।

मेयर और अधिकारियों की तरफ से जारी हुए दिशा निर्देश
मेयर आशा शर्मा ने बताया कि इस मामले में पत्र नगरायुक्त को लिखा है, जिसमें कहा गया है कि अनुबंध में हिंदी की भाषा का ही उपयोग किया जाए। इससे साफ है कि अब इंग्लिश का इस्तेमाल कर खेल खेलने वाली कंपनियों का पर्दाफाश अनुबंध के हिंदी अनुवाद से होगा। नगरायुक्त सीपी सिंह ने भी इसके लिए निर्देश जारी किए है।

Published on:
04 May 2018 06:14 pm
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