गाज़ियाबाद

देवी-देवताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं! निशु आजाद के खिलाफ गाजियाबाद कमिश्नरेट पहुंचीं सुप्रीम कोर्ट की वकील नाजिया इलाही खान

Nazia Elahi Khan: सुप्रीम कोर्ट की वकील नाजिया इलाही खान ने गुरुवार को गाजियाबाद कमिश्नरेट का दौरा कर निशु आज़ाद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने दो प्रमुख मुद्दों को लेकर अधिकारियों से मुलाकात की और आवेदन तथा शिकायत पत्र सौंपे।
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Updated: 10 Sep 2026, 3:15 PM IST
Nazia Elahi Khan Reached Ghaziabad Commissionerate
सुप्रीम कोर्ट की वकील नाजिया इलाही खान, फोटो आईएएनएस

Nazia Elahi Khan: हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणियों और मंदिरों में जाने वाली महिलाओं के खिलाफ अमर्यादित भाषा के बढ़ते मामलों पर अब कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट की जानी-मानी वकील नाजिया इलाही खान ने गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट पहुंचकर एक शिकायती पत्र सौंपा है और कार्रवाई की मांग की है।
गाजियाबाद पहुंचीं नाजिया इलाही खान ने मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि निशु आजाद नामक व्यक्ति लगातार सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों से हिंदू देवी-देवताओं और माताओं-बहनों पर अपमानजनक कमेंट्स कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'यह न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला और अत्यंत आपत्तिजनक है, बल्कि पूरी तरह से गैर-संवैधानिक भी है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।'

नाबालिग के इस्तेमाल पर जताई चिंता

मामले में एक नया मोड़ तब आया जब 14 वर्षीय नाबालिग लड़की निशु से जुड़ा पहलू सामने आया। इस पर एडवोकेट नाजिया इलाही खान ने कहा कि विपक्षी नेता राजनीतिक फायदे के लिए एक 14 साल की नाबालिग बच्ची का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के आयकर निदेशक और गाजियाबाद के पुलिस अधिकारियों को लिखे पत्र में साफ किया कि वह किसी नाबालिग के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई या एफआईआर दर्ज नहीं कराना चाहतीं, बल्कि इसके पीछे छिपे मुख्य चेहरों और उसके अभिभावकों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

अमिता सचदेवा ने दिल्ली में भी दर्ज कराई थी शिकायत

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट की एक अन्य महिला वकील अमिता सचदेवा ने निशु आजाद के खिलाफ दिल्ली पुलिस से शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि भगवान शिव, श्रीकृष्ण, मां सरस्वती और मां दुर्गा के खिलाफ किए गए आपत्तिजनक पोस्ट को हटाने के लिए निशु और उसके पिता/अभिभावक को पर्याप्त समय दिया गया था।
अमिता सचदेवा का आरोप है कि चेतावनी के बावजूद इंटरनेट से वह विवादित कंटेंट नहीं हटाया गया। जानबूझकर किए गए इनकार के बाद ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का कदम उठाया गया।

कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी

गाजियाबाद कमिश्नरेट को सौंपे गए शिकायती पत्र के बाद अब पुलिस इस मामले की डिजिटल साक्ष्यों और बयानों के आधार पर जांच कर रही है। कानून विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने और महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने वालों के खिलाफ अब सख्त कानूनी कार्रवाई तय है।

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10 Sep 2026, 3:15 PM IST
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