
वैभव शर्मा
गाजियाबाद। हमारे समाज में हमेशा से बेटों की पूछ होती रही है और बेटी को दरकिनार कर दिया जाता है। लेकिन बेटी सुसराल से लेकर मायके का सहारा होती है ये एक बार फिर से साबित हो गया। ऐसा ही एक मामला गाजियाबाद की एक संस्था का सामने आया है। जहां इन दिनों एक ऐसे बुजुर्ग रह रहे हैं बेटे ने ही उन्हें घर से बाहर कर दिया। वहीं इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि यह शख्स गरीब नहीं हैं बल्कि एक करोड़पति हैं।
दरअसल, पोते के जन्मदिन में आए बुजुर्ग ने कुछ ऐसी बात कही जो बेटे को अहसनीय लगी और उसने उनके साथ झगड़ा कर उन्हें घर से बाहर कर दिया। जिसके बाद नाराज पिता रोडवेज की बस में बैठकर गाजियाबाद आए। यहां बस स्टैंड पर बैठे हुए बुजुर्ग को रोते देख किसी ने उन्हें प्रेरणा सेवा संस्थान पहुंचाया। लंबी कोशिश के बाद में अब बेटी और दामाद पिता को ले जाने के लिए तैयार हुए है।
ओमप्रकाश शर्मा सौगरा अलीगढ के रहने वाले हैं और कहने के लिए उनके पांच बेटे व एक बेटी है जिनमें चार बेटों और बेटी की शादी हो चुकी है। वहीं इतने बेटे होने के बाद भी कोई उन्हें सहारा देने वाला नहीं है। जिसके चलते वह एक संस्था में रहने को मजबूर हैं। वहीं ओमपकाश तीस बीखा जमीन के मालिक हैं और करीब 75 साल की उम्र के पड़ाव पर पहुंच चुके हैं। पीडित पिता के मुताबिक अलीगढ में वो अपने बड़े बेटे के साथ में रहते थे। वो उनके साथ में अक्सर मारपीट करता था। हाल ही में वो अपने दूसरे बेटे के यहां गौतमबुद्ध नगर के दादरी में आए थे। दूसरा बेटा ग्रेटर नोएडा की एक कंपनी में काम करता है। यहां उनके पोते का जन्मदिन था और किसी बात को लेकर पिता और बेटे की अनबन हुई। कलयुगी बेटे ने बिना कुछ सोझे समझे अपने पिता को बाहर का रास्ता दिखा दिया।
प्रेरणा सेवा संस्थान के संचालक आचार्य तरूण ने बताया कि बुजुर्ग के मौजूदा समय में भी जमीन उनके नाम है। घर से निकलने के बाद में वो रोडवेज की बस में बैठकर गाजियाबाद आए। यहां उन्हे रोते बिलखते हुए देख एक नवयुवक ने सारी जानकारी दी। इसके बाद में उनसे संपर्क किया गया। तरूण के मुताबिक बुजुर्ग की बेटी और दामाद से बातचीत हुई है और वो उन्हे अपने साथ ले जाने के लिए तैयार हो गई है। फिलहाल आश्रम में उनका ख्याल रखा जा रहा है। लेकिन ये हमारे समाज के लिए बड़ी शर्मनाक स्थिति है।