गाज़ियाबाद

Pratham Kant Death Case: बॉक्सिंग खिलाड़ी प्रथम कांत की मौत का राज अब भी बरकरार, एक हफ्ते बाद भी जांच अधूरी, मां ने पुलिस पर उठाए सवाल

Ghaziabad Pratham Kant case: गाजियाबाद की महागुनपुरम सोसायटी में बॉक्सिंग खिलाड़ी प्रथम कांत की मौत के मामले में एक हफ्ते बाद भी जांच जारी है। मां ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और बेटे की मौत का सच सामने लाने की मांग की है।
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बॉक्सिंग खिलाड़ी प्रथम कांत की मौत पर सवाल

Mahagunpuram Society death case:गाजियाबाद की महागुनपुरम सोसायटी में बॉक्सिंग खिलाड़ी प्रथम कांत की 14वीं मंजिल से गिरकर हुई मौत को एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन परिवार को अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर उस रात हुआ क्या था। पुलिस ने मामले में नामजद रिपोर्ट दर्ज की है, फिर भी जांच किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंची है। बेटे की मौत का सच जानने की बेचैनी अब परिवार के दर्द को और बढ़ा रही है।

प्रथम की मां नीतू रानी ने पुलिस की कार्रवाई पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिस तरह मामले की शुरुआत में कार्रवाई हुई, उससे परिवार संतुष्ट नहीं है। उन्होंने यहां तक कहा कि उन्हें मौजूदा पुलिस व्यवस्था से न्याय की उम्मीद नहीं दिख रही।

मां का सवाल- पोस्टमार्टम में इतनी जल्दबाजी क्यों?

नीतू रानी का आरोप है कि पुलिस ने उनके पहुंचने का इंतजार किए बिना प्रथम के शव का पंचनामा भर दिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उनका सवाल है कि ऐसी क्या जल्दबाजी थी कि परिवार के पहुंचने से पहले ही यह प्रक्रिया पूरी कर दी गई। मां के मुताबिक, हादसे वाले दिन उन्हें बेटे की बॉडी तक देखने नहीं दी गई। उनका कहना है कि अब तक उन्हें डॉक्टर की रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं कराई गई और न ही किसी चिकित्सक से यह समझाया गया कि प्रथम की मौत की वास्तविक वजह क्या थी।

CCTV में चीख और गिरने की आवाज का दावा

परिवार का सबसे बड़ा सवाल CCTV फुटेज को लेकर है। नीतू रानी का कहना है कि उसी टावर के एक फ्लोर पर लगे कैमरे से प्रथम के चीखने की आवाज और उसके बाद नीचे गिरने की तेज आवाज सामने आती है। परिवार का आरोप है कि शिकायत और FIR दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों को उस गंभीरता से नहीं जुटाया, जिसकी इस मामले में जरूरत थी। उनका कहना है कि यदि मौत की परिस्थितियां संदिग्ध हैं तो CCTV समेत हर संभावित साक्ष्य की बारीकी से जांच होनी चाहिए।

पुलिस बोली- CDR और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

वहीं एसीपी कविनगर सिद्धार्थ गौतम के मुताबिक, प्रथम के मोबाइल नंबर की CDR (Call Detail Record) और उससे जुड़े दूसरे नंबरों की CDR निकलवाई जा रही है। पुलिस इन रिकॉर्ड के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है। पुलिस का कहना है कि परिवार के पास अगर कोई साक्ष्य है तो उसे जांच में शामिल किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

FIR में तीन लोग नामजद, अभी गिरफ्तारी नहीं

इस मामले में कविनगर थाना पुलिस ने प्रथम की दोस्त रितिका, उसके पिता ललित प्रजापति और भाई जतिन प्रजापति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। हालांकि, अभी तक तीनों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इधर प्रथम की मौत के बाद सोसायटी में शोक सभा भी रखी गई है। सोशल मीडिया पर ‘Justice For Pratham’ नाम से अभियान चलाया जा रहा है। परिवार और समर्थक मामले की निष्पक्ष जांच और प्रथम की मौत के पीछे की वास्तविक वजह सामने लाने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस की जांच CDR, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य संभावित साक्ष्यों पर टिकी है। परिवार का कहना है कि जब तक इन सवालों के जवाब नहीं मिलते, उनके लिए प्रथम की मौत की कहानी अधूरी ही रहेगी।

Updated on:
20 Aug 2026 05:07 pm
Published on:
20 Aug 2026 05:07 pm