गाज़ियाबाद

पत्रिका अभियान : अपनों से बिछड़े इन लोगों को मिलाने का काम कर रही संस्था

जिले में मानसिक रूप से विक्षिप्त और किसी कारणवश अपनों से भटके लोगों की मदद के लिए संस्था काम कर रही है।
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asharam

गाजियाबाद। जिले में मानसिक रूप से विक्षिप्त और किसी कारणवश अपनों से भटके लोग जो कि सड़क के किनारे जीने को मजबूर हैं उनकी मदद करने के लिए प्रेरणा सेवा आश्रम संस्था द्वारा लगातार काम किया जा रहा है। इतना ही नहीं जो लोग भीख भी नहीं मांग सकता और वह बेसुध हालत में बीमार या चोट लगी हुई हालत में पड़े रहते हैं, संस्था के कर्मचारी सूचना मिलते ही ऐसे नौजवान और बुजुर्गों को सड़क के किनारे से उठाते हैं और उनका बखूबी तरीके से इलाज कराया जाता है।

जिसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को भी दी जाती है। इस संस्था के संचालक आचार्य तरुण मालूम ने बताया कि जब से इनकी संस्था ने इस तरफ कार्य करना शुरू किया है तब से अब तक वह करीब 60 से भी ज्यादा लोगों को सड़क के किनारे से अपने आश्रम में ला चुके हैं। जिनमें से अथक प्रयास के बाद 12 लोगों को उनके परिजनों तक पहुंचाया जा चुका है।

आचार्य तरुण ने बताया कि अपनों से बिछड़े हुए ऐसे लोगों को उनके परिजनों तक मिलवाने के लिए वह सोशल मीडिया का भी सहयोग लेते हैं और तमाम अखबार और न्यूज़ के माध्यम से भी यह उनके परिजनों तक उनकी फोटो को प्रकाशित करते हुए उन्हें अपनों से मिलाने का कार्य किया जाता है। अभी तक यह संस्था 12 लोगों को अपने परिजनों से मिला चुकी है।

लोगों को मिलाया परिवार से

संस्था ने परिवार से भटके हुए 50 वर्षीय अहमद अंसारी जो कि बिजनौर के रहने वाले थे और मानसिक रूप से विक्षिप्त हो गए थे, उन्हें 1 फरवरी को परिवार से मिलाया। इसी तरह आश्रम के कर्मचारियों द्वारा 45 वर्षीय कपिल शर्मा जो कि मूल रुप से हरिद्वार के रहने वाले थे। उन्हें भी 12 जनवरी को परिवार से मिलाया। यह भी सड़क के किनारे विशुद्ध हालत में पड़े हुए थे और किसी की सूचना के आधार पर इन्हें दिनांक पिछले साल ही जुलाई में प्रेरणा सेवा संस्थान लाया गया था।

सोशल मीडिया से भी अपनों के पास पहुंचे लोग

संस्था के संचालक ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से 35 वर्षीय नफीस जो कि फरीद नगर गाजियाबाद के रहने वाले थे। यह भी मानसिक स्थिति खराब होने के कारण अपने घर से भटक गए थे और यह रेलवे लाइन की किनारे विशु हालत में पड़े हुए थे। सूचना के आधार पर ने 2 जनवरी 2017 को सेव आश्रम लाया गया और सोशल मीडिया की माध्यम से 8 मार्च 2018 को इनके परिजनों से मिलवा दिया गया।

अन्य लोगों को भी अपनों से मिलाने का कर रहे प्रयास

आचार्य तरुण ने बताया फिलहाल आश्रम में 60 लोग और मौजूद हैं जिन्हें अपनों तक पहुंचाने के लिए अथक प्रयास किए जा रहे हैं। हमें उम्मीद है कि इन लोगों के परीजनों तक भी जल्द ही सूचना पहुंचेगी और वह हमारे आश्रम में आकर यहां से अपने लोगों को लेकर जाएंगे।

Published on:
28 Mar 2018 04:18 pm
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