हॉट सिटी गाजियाबाद राजनीतिक चर्चा के लिए खासी चर्चा में रहा है। फिर चाहे विधानसभा चुनाव हो या लोकसभा, यहां की राजनीति और गुटबाजी ने सुर्खी बटोरी है। वर्तमान केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह गाजियाबाद के सांसद रहे हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में जनरल वीके सिंह भारी बहुमत के साथ गाजियाबाद से भाजपा के सांसद बने, लेकिन स्थानीय संगठन के बीच में जगह नहीं बना पाए।
माना जा रहा है कि इसकी वजह से गाजियाबाद में भाजपा संगठन दो गुटों में बट गया है। पहला सांसद वीके सिंह और दूसरा गृहमंत्री राजनाथ सिंह का। वहीं, गृहमंत्री का मोह भी गाजियाबाद से भंग नहीं हुआ है। इसकी वजह से यहां की राजनीतिक उठापठक में उनकी दखल भी काफी है। उनकी अनुपस्थिति में उनके सुपुत्र नीरज सिंह और पंकज सिंह गाजियाबाद के महानगर और जिला संगठन के साथ में जुडे़ हुए हैं।
राजनाथ गुट के पक्ष में हुई घोषणा
गाजियाबाद में गृहमंत्री के गुट से महानगर महामंत्री मंयक गोयल, अजय शर्मा और अशोक मोंगा समेत कई नेताओं के द्वारा महानगर अध्यक्ष बनने के लिए दिल्ली और लखनऊ दरबार में हाजिरी लगाई जा रही थी। वहीं, वीके सिंह ने मान सिंह गोस्वामी को महानगर अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर सहमति बनाई थी, लेकिन नए प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह के गुट से महानगर महामंत्री अजय शर्मा को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी है।
उत्तर प्रदेश के इन जनपदों में की गई है घोषणा
भदौही से हौसला प्रसाद पाठक, सुल्तानपुर से जगदीश सिंह छंगू, आजमगढ से प्रेमप्रकाश राय, बलिया से विनोद दुबे, सीतापुर से अजय गुप्ता, कानपुर महानगर उत्तर से सुरेंद्र मैथानी, कानपुर महानगर दक्षिण से अनिता गुप्ता, कानपुर देहात से राहुल अग्निहोत्री, मथुरा से तेजवीर सिंह, सहारनपुर महानगर से अमित गगनेजा, मुजफ्फरनगर से रूपेन्द्र सैनी, हापुड़ से अशोक पाल, गाजियाबाद जिले से बसंत त्यागी और महानगर से अजय शर्मा के नाम पर मोहर लगाई गई है।
भाजपा पश्चिमी यूपी मीडिया प्रभारी राजीव अग्रवाल के मुताबिक, ऐसा नहीं कहा जा सकता है कि दोनों सांसद के गुट से किसी की हार हुई है। इतना कहा जा सकता है कि प्रदेश अध्यक्ष की तरह इस बार महानगर को स्वच्छ और बेदाग अध्यक्ष मिला है।