
कालाभाटा में 1 फीट तो रामघाट में 5 फीट पानी, चंबल से आ रहा 17 एमएलडी पानी
मंदसौर.शहर की प्यास बुझाने वाली शिवना नदी पर बने कालाभाटा बांध में सिर्फ 1 फीट पानी बचा है। ऐसे में जलसंकट ने दस्तक दे दी है। मानसून आने तक अब शहर में जलापूर्ति करना नपा के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है। 30 जून तक का ही पानी बाकी है। ऐसे में 20 दिनों के बाद सप्लाई के लिए शिवना पर मोरवनी, कंथार सहित अन्य जगहों पर गड्ढों में मोटर लगाकर पानी लाकर सप्लाई की जाएगी। यह स्थिति इसलिए भी बन रही है कि चंबल योजना से पर्याप्त पानी शहर को नहीं मिल रहा है। सिर्फ 17 एमएलडी पानी मिल रहा है। जो पर्याप्त नहीं है। ऐसे में 52 करोड़ की योजना भी शहर की प्यास नहीं बुझा पा रही है। एक दिन छोडकऱ हो रही सप्लाई को पूरी करना भी मुश्किल हो रहा है।
जलसंकट से निपटने के लिए होगी बैठक
मई माह में ही शिवना नदी खाली हो गई हैं। जून लगने के साथ जलसंकट गहराने लगा है। शहर में पेयजल वितरण के लिए कालाभाटा बांध में सिर्फ 1 फीट ही पानी ही बचा हैं। कालाभाटा बांध में जलस्तर इतना नीचे पिछले तीन सालों में दूसरी बार पहुंचा है। अब शिवना पर बने दूरस्थ स्थलों पर बांधों में पहुंचकर गड्ढों में भरे पानी को उलेचकर कालाभाटा में संग्रहित किया जाएगा। जो सप्लाई में उपयोग होगा। पानी की स्थिति को देख नपा की भी चिंता बढ़ गई हैं। जलसंकट को लेकर नपा में जल्द ही जलकर अमले की बैठक होगी। इसमें जलापूर्ति सुचारू करने को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
वाष्पीकरण व पानी चोरी के कारण गहराया जलसंकट
भीषण गर्मी के बीच शिवना से पानी का तेजी से वाष्पीकरण हो रहा हैं। इसी बीच पानी की चोरी भी जारी हैं। इसी कारण जलसंकट गहराया और शिवना में अब पानी नहीं बचा है। जून माह में संकट गहराया और अब मानसून के समय पर आने का इंतजार है। मानसून में देरी से जलसंकट अधिक गहराता जा रहा है। शिवना में मिर्जापुरा और मोरवनी डोह तक भरे हुए पानी को आगे बहाव के लिए कालाभाटा का पानी नपा रामघाट बैराज पर पर संग्रहित करेगी। नपा के अनुसार 30 जून तक तो शिवना के बांध और नदी में आगे तक भरे पानी से पानी से शहर में सप्लाई हो जाएगी।
चंबल से पानी की पर्याप्त आवक नहीं हो रही
चंबल नदी से दोनों पंप चलाकर पानी लाने का दावा नपा द्वारा किया जा रहा हैं, लेकिन यह भी सच हैं की चंबल से उतने पानी की आवक नहीं हो रही हैं जिससे शहर में एक दिन की सप्लाई हो सके। सप्लाई में ज्यादा पानी शिवना नदी से ही लिया जा रहा हैं। शिवना व चंबल दो जलस्रोत होने के बाद भी पूरे साल एक दिन छोडकऱ सप्लाई होता है फिर भी जलसंकट की स्थिति अब गहराने लगी है।
मोरवानी डेम से लाएंगे पानी
कालाभाटा में 1 व रामघाट में 5 फीट पानी बचा है। चंबल से 16 से 17 एमएलडी पानी मिल रहा है। 30 जून तक का पानी बचा है। शिवना में मोरवानी सहित अन्य जगहों पर गड्ढों में मोटर लगाकर पानी कालाभाटा तक लाएंगे और सप्लाई से जोड़ेंगे। जलसंकट की स्थिति नहीं बने इसके लिए नपा पूरे प्रयास कर रही है। -निलेश जैन, जलकर सभापति, नपा
Published on:
11 Jun 2026 06:10 pm
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