- निगम कार्यकारिणी के चुनाव में नहीं चल पाया सपा-बसपा गठबंधन का जादू- संख्या बल पूरा होने के बावजूद क्राॅस वोटिंग के कारण हारा बसपा प्रत्याशी- कांग्रेस ने सपा-बसपा गठबंधन को दिया बड़ा झटका
गाजियाबाद. लोकसभा चुनाव से पहले सपा-बसपा का गठबंधन को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, गाजियाबाद में नगर निगम कार्यकारिणी समिति के चुनाव में पर्याप्त संख्या बल होने के बावजूद बसपा को हार का मुंह देखना पड़ा है। क्राॅस वोटिंग के चलते यहां हुए चुनाव में बसपा पार्षद को 15 वोट के स्थान पर मात्र 9 वोट ही मिल सके। नगर निगम कार्यकारिणी समिति के चुनाव में 6 पदों के लिए हुए मतदान के बाद भाजपा के 4 और कांग्रेस के 2 दो पार्षदों ने विजयी पताका फहरार्इ। वहीं बसपा-सपा गठबंधन का सूपड़ा साफ हो गया।
बता दें कि गाजियाबाद की महापौर आशा शर्मा ने शनिवार को नगर निगम कार्यकारिणी समिति के 6 रिक्त पदों पर चुनाव के लिए बैठक बुलाई थी। इस चुनाव के लिए भाजपा के 4, कांग्रेस के 2 और बसपा के एक पार्षद ने नामांकन पत्र दाखिल किया था। सात नामांकन पत्र आने के बाद राजनीतिक दलों ने एक नामांकन वापसी के लिए आम सहमति बनाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बन सकी। बता दें कि संख्या बल के आधार पर कांग्रेस का एक पार्षद ही कार्यकारिणी समिति में शामिल हो सकता था, लेकिन कांग्रेस ने दो पार्षद चुनाव मैदान में उतार दिए। इससे अन्य राजनीतिक दलों में क्राॅस वोटिंग को लेकर हड़कंप मच गया। इसी बीच कांग्रेस प्रत्याशी विनोद कुमार का नामांकन वापस कराने की भी कोशिश की गर्इ, लेकिन वे पर्चा वापस करने को तैयार नहीं हुए।
इसके बाद मतदान की प्रक्रिया अपनार्इ गर्इ। दो घंटे तक चले मतदान में 109 मतदाताओं में से 103 ने अपने मतों का इस्तेमाल किया। इस दौरान सपा एमएलसी समेत 6 लोग अपने मत डालने निगम नहीं पहुंचे। मतदान के बाद हुर्इ मतगणना के बाद चुनाव अधिकारी व अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार ने परिणाम घोषित किए तो सपा-बसपा गठबंधन की अंर्तकलह खुलकर सामने आ गर्इ। यहां संख्या पूरा होने के बावजूद बसपा पार्षद को हार का सामना करना पड़ा। वहीं कांग्रेस संख्या बल में कम होने के बाद भी अपने दो पार्षदों को और भाजपा 4 पार्षदों को चुनाव जिताने में कामयाब रही।
ये पार्षद जीते
भाजपा के अनिल स्वामी 19 मत, राजीव शर्मा 18 मत, मनोज गोयल 17 आैर विनोद शर्मा 16 मत के साथ जीतकर कार्यकारिणी समिति में पहुंचे। वहीं कांग्रेस के मनोज चौधरी आैर विनोद कुमार 10-10 मतों के साथ विजयी हुए।