-प्रदेश में सपा-बसपा का गठबंधन होने के बाद कई प्रत्याशियों को लेकर कार्यकर्ता लगातार विरोध कर रहे हैं -सुरेंद्र मुन्नी को सपा-बसपा गठबंधन का प्रत्याशी घोषित किया गया था
गाजियाबाद। लोकसभा चुनाव के लिए जहां एक तरफ अलग-अलग पार्टी के प्रत्याशी अपना नामांकन भरने में जुटे हैं। वहीं पार्टियों में प्रत्याशी को लेकर विरोध के सुर भी लगातार उठ रहे हैं। प्रदेश में सपा-बसपा का गठबंधन होने के बाद कई प्रत्याशियों को लेकर कार्यकर्ता लगातार विरोध कर रहे हैं।
ऐसा ही कुछ पिछले दिनों गाजियाबाद में भी देखने को मिला। जहां गठबंधन के प्रत्याशी व सपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार मुन्नी का लगातार विरोध हो रहा था। जिसके बाद अब पार्टी ने उनका टिकट काट दिया है। अब पार्टी ने बसपा से पूर्व विधायक रहे सुरेश बंसल को टिकट दिया है। उन्होंने सपा का दामन थाम लिया।
दरअसल, सपा ने ब्राह्मण खेलते हुए सुरेंद्र मुन्नी को प्रत्याशी घोषित किया गया था। जिसके बाद से पार्टी में लगातार विरोध हो रहा था। इसके चलते सपा के एक पदाधिकारी ने इस्तीफा तक दे दिया। विरोध कर रहे नेताओं का कहना था कि मुन्नी का मुस्लिम समुदाय से कोई जनाधार नहीं है। वहीं अब विरोध बढ़ता देेख पार्टी हाईकमान की तरफ से मुन्नी का टिकट काट दिया गया।