एक ही मुहल्ले में एक दर्जन से ज्यादा लोगों को बना चुका है अपना निवाला
गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश की सत्ता में योगी सरकार के आने के बाद सवच्छता के नाम पर बड़ी संख्या में मीट की दुकानों पर लगाम लगाने से आवारा गुत्तों पर भोजन का संकट मंडराने लगा है। हालात ये हैं कि भूख से परेशान कुत्ते अब मनुष्यों को भी अपना निवाला बनाने लगे हैं। इसकी एक बानगी दिल्ली से सटे गाजियाबाद में उस वक्त देखने को मिली, जब कुत्तों ने गाजियाबाद के वैशाली सेक्टर 5 में करीब एक दर्जन लोगों को अपना शिकार बनाया। इनमें कई बच्चे, महिला और पुरुष भी शामिल हैं। मगर गाजियाबाद नगर निगम यहां कुछ करने के लिए तैयार नहीं है । लाख शिकायतों के बाद भी नगर निगम की कोई टीम यहां इन आवारा कुत्तों को पकड़ने नहीं आयी। जबकि इलाके में लोग खौफ में जी रहे हैं। बच्चे पार्क में खेलने तक नहीं आ रहे हैं। अधिकतर बच्चे और लोग घर में कैद रहने को मजबूर हैं। स्कूल आते-जाते समय भी परिजनों को बच्चों का विशेष ध्यान रखना पड़ता है । बहराल कुत्तों के आतंक से वैशाली के पॉश इलाके सेक्टर 5 की कल्पना सोसाइटी के लोग खौफजदा हैं।
अपने पिता की गोद में सहमी हुई यह मासूम बच्चा स्ट्रीट डॉग के हमले में घायल हुआ है। अपने परिजनों की गोद में अब महफूज है। परिजनों को कहना है कि यहां घूमने आने वाले आवारा कुत्तों ने इसे बुरी तरह घायल कर दिया । इतना ही नहीं, जब उसे छुड़ाने के लिए उसके पिता आ गए तो कुत्ते ने उसे भी पूरी तरह जख्मी कर दिया। जिसे तस्वीरों में साफ देखा जा सकते हैं। मोहल्ले में लोगों की भीड़ और जख्म दिखाते हुए ये रेजिडेंट आवारा कुत्तों से बुरी तरह परेशान हैं। इन लोगों का कहना है कि एक दर्जन से ज्यादा लोगों को यहां खतरनाक कुत्ते अपना शिकार बना चुके हैं । इनमें बच्चे महिला पुरुष सभी लोग शामिल है।
वैशाली सेक्टर 5 के इन लोगों का आरोप है कि यहां आवारा कुत्तों की वजह से जीना मुहाल हो गया है। यहां सोसाइटी के पदाधिकारियों ने नगर निगम और जिला प्रशासन को यहां की शिकायत कई बार की, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई आवारा जानवरों को पकड़ने के लिए तैयार नहीं है। यहां आवारा कुत्तों का आतंक इतना बढ़ गया है कि घर से अकेले निकलना मुश्किल हो गया है। मगर नगर निगम है कि अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए तैयार नहीं है।