गाजियाबाद के डासना पंचायत के प्रत्याशी ने सपा, भाजपा और कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के दूसरे के कट्टर विरोधी हैं, लेकिन इस मामले में ये सपा और भाजपा ने एक जैसा काम किया है। जनपद नगर निकाय चुनाव में इस बार डासना पंचायत के चुनाव भी खास रहने वाला है। चुनाव में निर्दलीय चेयरमैन पद के लिए हाफिज मुर्सरत पत्नी नजर चौधरी मैदान में हैं। चेयरमैन प्रत्याशी हाफिज मुर्सरत पति नजर चौधरी ने पत्रिका से बातचीत में दावा किया कि समाजवादी पार्टी, भाजपा के प्रत्याशियों ने कब्रिस्तानों की जमीन पर कब्जा किया। विकास के नाम पर सपा के चेयरमैन ने 15 साल तक राज किया। लेकिन विकास के मामले में डासना पंचायत काफी पिछड़ा रहा। लोगों ने अपनी अपनी जेबों को भरने का काम किया।
प्रत्याशी के मुताबिक इस बार के चुनाव में जनता बदलाव चाहती है। अगर इस बार उन्हे मौका मिला तो वो .यहां की प्राथमिक सुविधाओं को बदलने पर जोर देगें। इलाके में स्कूल, बाजार, बारातघर और चिकित्सा सेवा को बेहतर किए जाने के लिए काम किया जाएगा। डासना चेयरमैन प्रत्याशी हाफिज मुर्सरत पत्नी नजर चौधरी का कहना है कि यहां सपा प्रत्याशी ने कन्या पाठशाला के पास में पांच करोड़ की जमीन बेच दी। लोगों पर झूठे मुकदमें दर्ज कराए गए। वहीं बीजेपी प्रत्याशी के पुत्रों ने कब्रिस्तान की जगहों को कब्जाने के लिए वहां पर रोडी, बदरपुर और गोबर डलवा दिया। मीना बाजार कब्रिस्तान की जगह पर कांग्रेस प्रत्याशी ने कब्जा किया। इसके अलावा 17 बिरादरी के कब्रिस्तानों पर भी कब्जा किया हुआ है। इन सभी कब्रिस्तानों की जमीनों को रजिस्ट्रर्ड करवाया जाएगा। एक तरफ से देखा जाए तो जमीन कब्जाने के मामले में सपा औप भाजपा ने एक जैसा ही काम किया है।
नजर चौधरी का दावा है कि अगर चुनाव में उन्हे मौका मिला तो प्राथमिकता पर इन कब्जों को हटवाया जाएगा। गरीबों के लिए बने फ्लैटों को आवटिंत कराया जाएगा। क्षेत्र में बिजली और पुलिस चौकी पर चलने वाली दलाली को खत्म किया जाएगा। इसके अलावा बाजारों के नवीनीकरण, स्कूल, डिग्री कॉलेज, बारातघर व चिकित्सा सुविधा के लिए काम किया जाएगा। पुराने बारातघर में बिजली पानी की सुविधा की जाएगी।