
गाजियाबाद में धर्मांतरण और हलाला रैकेट का खुलासा | AI Generated Image
Conversion Halala Case Ghaziabad: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से धर्मांतरण, निकाह, तीन तलाक और हलाला से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। पीड़िता की शिकायत पर अंकुर विहार थाना पुलिस ने 16 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले में मुख्य आरोपी नवीन राणा उर्फ नावेद समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी खालिद हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। यह मामला केवल धर्म परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कथित मानसिक, शारीरिक और धार्मिक शोषण के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
पीड़िता, जो इंदौर की रहने वाली और एमबीए की छात्रा बताई जा रही है, ने अपनी शिकायत में कहा कि साल 2020 में फेसबुक के जरिए उसकी मुलाकात नवीन राणा नाम के युवक से हुई थी। शुरुआत में आरोपी ने खुद को हिंदू बताकर भरोसा जीता और धीरे-धीरे बातचीत को दोस्ती में बदल दिया। कुछ समय बाद आरोपी ने उसे दिल्ली बुलाया, जहां से कथित तौर पर उसे मुजफ्फरनगर और मेरठ के विभिन्न मदरसों में ले जाया गया। पीड़िता का आरोप है कि वहां उसे मानसिक दबाव में रखकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया।
पीड़िता ने अपनी तहरीर में दावा किया है कि धर्म परिवर्तन के बाद उसे कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान बाहरी लोगों से मिलने नहीं दिया गया और लगातार उस पर धार्मिक दबाव बनाया गया। आरोप है कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की गई। पीड़िता के अनुसार, उसे सुनहरी मस्जिद, शाहीन बाग और अन्य कई स्थानों पर ले जाया गया, जहां अलग-अलग लोगों से मिलवाकर उस पर दबाव बनाया जाता था।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि धर्म परिवर्तन के बाद उसका जबरन निकाह कराया गया। पीड़िता का आरोप है कि निकाह के बाद उसका लगातार शारीरिक और मानसिक शोषण किया गया। उसने यह भी दावा किया कि उसे अलग-अलग शहरों में ले जाकर प्रताड़ित किया गया और किसी से संपर्क नहीं करने दिया गया। मामले में मौलाना कलीम सिद्दीकी और उनकी पत्नी का नाम भी सामने आया है, जिन पर कथित रूप से पूरे नेटवर्क को संचालित करने में सहयोग करने का आरोप लगाया गया है।
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब पीड़िता ने तीन तलाक और हलाला जैसे आरोप भी लगाए। उसका कहना है कि निकाह के कुछ महीनों बाद उसे तलाक दे दिया गया और फिर हलाला जैसी प्रक्रिया के लिए दबाव बनाया गया। पुलिस अब इन आरोपों की कानूनी और तकनीकी पहलुओं से जांच कर रही है। मामले में धार्मिक संगठनों और स्थानीय स्तर पर सक्रिय कुछ लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा और एसआईटी जांच की मांग की। विधायक ने आरोप लगाया कि यह कोई अकेली घटना नहीं हो सकती और इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका है। इसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और मामले में तेजी से कार्रवाई शुरू की गई।
गिरफ्तार आरोपी खालिद हुसैन से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि फेसबुक के माध्यम से उसकी पीड़िता से दोस्ती हुई थी और साल 2021 में दोनों का निकाह हुआ था। हालांकि आरोपी का दावा है कि करीब 8-9 महीने बाद उसने पीड़िता को तलाक दे दिया था। पुलिस अब आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और कॉल रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है। साइबर टीम सोशल मीडिया कनेक्शन की पड़ताल कर रही है, जबकि अन्य टीमें फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। पुलिस के मुताबिक, यदि जांच में धर्म परिवर्तन, जबरन निकाह और हलाला के आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपियों के खिलाफ और भी कड़ी धाराएं लगाई जाएंगी।
Published on:
07 May 2026 02:55 pm
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