गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले के पीछे सोशल मीडिया पर दिए गए बयानों को वजह बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी जीशान सैफी सलीम की पोस्ट और वीडियो से नाराज था। इसी नाराजगी के चलते उसने अपने साथी के साथ ऑफिस में घुसकर हमला किया। बाद में पुलिस मुठभेड़ में जीशान मारा गया।
गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक पर हमला करने वाले जीशान सैफी को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। आरोपी ने अपने एक साथी के साथ मिलकर दिनदहाड़े लोनी स्थित सलीम के ऑफिस में घुसकर चाकू से हमला किया था। इसमें सलीम गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनका इलाज दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस के अनुसार, रविवार रात लोनी के निठौरा अंडरपास के पास आरोपियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग कर सर्च ऑपरेशन चलाया। इसी दौरान बाइक से दो संदिग्ध आते दिखाई दिए। रुकने का इशारा करने पर उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में करीब 15 मिनट तक 25-30 राउंड गोलियां चलीं। मुठभेड़ में जीशान सैफी घायल हो गया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। घायल जीशान को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, लोनी थाना प्रभारी बूलेटप्रूफ जैकेट पहनने की वजह से बाल-बाल बच गए। एक गोली उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी है। पुलिस ने मौके से .32 बोर की पिस्टल, कारतूस और एक स्प्लेंडर बाइक बरामद की है। पुलिस आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट की भी जांच कर रही है।
सलीम अहमद (50) दिल्ली के अशोक विहार में परिवार के साथ रहते हैं और लोनी में अपना ऑफिस चलाते हैं। उनके बेटे उस्मान के मुताबिक, घटना वाले दिन सुबह करीब 9 बजे सलीम ऑफिस में अकेले थे। तभी हेलमेट पहने दो युवक अंदर घुसे और ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर फरार हो गए।
पड़ोसियों की मदद से सलीम को पहले नजदीकी अस्पताल और फिर दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल रेफर किया गया। उनके शरीर पर 14 गंभीर घाव हैं। हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है।
हमले के बाद बेटे उस्मान ने पुलिस में तहरीर देकर कुछ लोगों को नामजद किया है। आरोप है कि सलीम की हत्या की साजिश रची गई थी। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मारा गया आरोपी जीशान सैफी अमरोहा का रहने वाला था। वह पहले मदरसे में पढ़ चुका था और 12वीं पास करने के बाद खोड़ा में किराये पर रह रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि उसे सलीम द्वारा सोशल मीडिया पर किए जाने वाले धार्मिक बयानों से आपत्ति थी।
घटना के 24 घंटे के भीतर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि प्रदेश में ऐसी घटनाओं की कोई जगह नहीं है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।