
गाजियाबाद में आग का तांडव | Image - X/@ANI
Ghaziabad Slum Fire News: गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के कनवानी गांव में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 200 झुग्गी-झोपड़ियों में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा इलाका धुएं के गुबार से भर गया। हालात इतने भयावह थे कि धुआं करीब 10 किलोमीटर दूर से भी साफ नजर आ रहा था। आग लगते ही लोगों में अफरा-तफरी मच गई और वे अपनी जान बचाने के साथ-साथ जरूरी सामान और गैस सिलेंडर लेकर भागते दिखाई दिए।
आग के बीच लगातार गैस सिलेंडरों में धमाके होते रहे, जिससे स्थिति और भी खतरनाक हो गई। धमाकों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा और आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। प्रशासन ने तुरंत सतर्कता बरतते हुए आसपास की इमारतों को खाली करा लिया, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीमों ने तेजी से मोर्चा संभाल लिया।
आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की 22 गाड़ियों को मौके पर लगाया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नोएडा समेत आसपास के इलाकों से भी दमकल की गाड़ियां बुलाई गईं। करीब तीन प्राइवेट गाड़ियां और नगर निगम के टैंकर भी राहत कार्य में जुटे रहे। घंटों की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने करीब 90 प्रतिशत आग पर काबू पा लिया।
प्रत्यक्षदर्शी आशीष गुप्ता के अनुसार, झुग्गियों में कुछ लोग खाना बना रहे थे, तभी अचानक तिरपाल में आग लग गई। तेज हवा और ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई और पास में मौजूद पन्नी का गोदाम भी इसकी चपेट में आकर पूरी तरह जलकर राख हो गया।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि इस इलाके में कबाड़ और पन्नी का काम होता है, जिसमें लगे लोग झुग्गियों में रहते हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मौके पर एंबुलेंस तैनात की गई हैं और आसपास के अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस हादसे में झुग्गियों में रहने वाले लोगों का भारी नुकसान हुआ है। किसी का एक लाख तो किसी का चार लाख तक का सामान जलकर राख हो गया। लोगों का कहना है कि उनका सारा कारोबार और मेहनत का सामान इसी आग में खत्म हो गया।
झुग्गी में रहने वाली पिंकी ने बताया कि पीछे रहने वाले कुछ लोग खाना बना रहे थे, उसी दौरान आग लगी और देखते ही देखते सब कुछ जल गया। उन्होंने कहा कि उनकी पूरी गृहस्थी इस आग में खत्म हो गई और अब उनके पास कुछ भी नहीं बचा है।
गाजियाबाद के सीएफओ राहुल पाल ने बताया कि आग के चारों तरफ रिहायशी इलाके होने के कारण सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आग को फैलने से रोका जाए। दमकल कर्मियों ने चारों तरफ से घेरकर आग बुझाने की रणनीति अपनाई, जिससे आसपास के मकानों को सुरक्षित रखा जा सका।
फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर खाना बनाते समय आग लगने की बात सामने आई है, लेकिन पूरी सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। इससे पहले लखनऊ में भी इसी तरह की घटना सामने आ चुकी है, जिससे प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है।
Published on:
16 Apr 2026 05:34 pm
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