समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने आतिफ अहमद के किरदार को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस फिल्म को नहीं देखा है, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री सच्ची घटनाओं को तोड़ मरोड़ कर पेश करती है...
गाजीपुर: हाल ही में रिलीज हुई फिल्म धुरंधर- 2 इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। फिल्म की कहानी और किरदारों को लेकर अब सियासत भी छिड़ गई है। यही वजह है कि यह फिल्म सुर्खियों में बनी हुई है। एक तरफ जहां फिल्म के मुख्य किरदार हमजा को लेकर लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं तो दूसरी तरफ दिवंगत गैंगस्टर-राजनेता अतीक अहमद को लेकर लोगों के जहन में तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, फिल्म के डिस्क्लेमर में यह बताया गया है कि इसमें ऐसे किरदार भी है जो वास्तविक जीवन से प्रेरित है और इन्हीं में से चर्चित गैंगस्टर-राजनेता अतीक अहमद का नाम भी कथित रूप से सामने आ रहा है, जिसे फिल्म में आतिफ अहमद नाम दिया गया है। फिल्म में इस किरदार को लेकर काफी चर्चा है और इस पर राजनीति भी हो रही है। समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने आतिफ अहमद के किरदार को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस फिल्म को नहीं देखा है, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री सच्ची घटनाओं को तोड़ मरोड़ कर पेश करती है।
अफजाल अंसारी ने कहा है की फिल्म निर्माता अक्सर फिल्म को हिट करवाने के लिए विवादित और सनसनीखेज तरीके अपनाते हैं। उन्होंने कहा की फिल्म को हिट करवाना या टिकटों की बिक्री करवाना हो तो निर्देशक अक्सर चर्चित नाम का सहारा लेते हैं। शायद यही वजह है की फिल्म में अतीक अहमद के किरदार को नेगेटिव रोल में दिखाया गया है, जिससे यह साबित हो जाए कि वह आईएसआई के एजेंट थे। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोप गंभीर तरह के होते हैं। सस्ती लोकप्रियता के लिए इस तरह के कार्य नहीं किए जाने चाहिए।
अफजाल ने कहा कि गंभीर आपराधिक इतिहास वाले लोगों के ऊपर फिल्में क्यों नहीं बनाई जाती। ऐसे लोग जो जिनके ऊपर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है या दोष साबित हो चुका है और वह जीवित हैं, तो उनके ऊपर फिल्में क्यों नहीं बनाई जाती। आखिर किसी के मर जाने के बाद ही उसका नाम क्यों उछाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि दर्शक भी इस बात को समझ रहे हैं कि इसकी सच्चाई क्या है और यह फिल्म के डिस्कलेमर से साफ पता चलता है।
दरअसल, फिल्म धुरंधर-2 में आतिफ अहमद का किरदार है जिसे लोग अतीक अहमद के नाम से जोड़कर देख रहे हैं। फिल्मों में दिखाया गया है कि आतिफ अहमद आईएसआई का एजेंट है और देश में दंगे, नशे की सप्लाई और असलहों की सप्लाई किया करता था। इस फिल्म के आने के बाद लोगों के जहन में अतीक अहमद को लेकर तरह-तरह के सवाल उठने शुरू हो गए हैं।