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रेलिंग तोड़कर गंगा में गिरा था ट्रैक्टर, हादसे के तीन दिन बाद मिला दो लोगों का शव

सुहवल थाना क्षेत्र में स्थित वीर अब्दुल हमीद सेतु पर शुक्रवार को एक हादसा हो गया। यहां एक ट्रैक्टर नदी में जा गिरा जिसके बाद दो लोग डूब गए। हादसे के बाद लापता दो युवकों के शवों को रविवार को बरामद कर लिया गया है। शवों को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व गोताखोरों की टीम ने मिलकर बाहर निकाला। इसके बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है...

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गाजीपुर: जमानिया तहसील के सुहवल थाना क्षेत्र में स्थित वीर अब्दुल हमीद सेतु पर शुक्रवार को एक हादसा हो गया। यहां एक ट्रैक्टर नदी में जा गिरा जिसके बाद दो लोग डूब गए। हादसे के बाद लापता दो युवकों के शवों को रविवार को बरामद कर लिया गया है। शवों को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व गोताखोरों की टीम ने मिलकर बाहर निकाला। इसके बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की देर शाम ट्रैक्टर सेतु से गुजर रहा था और अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग तोड़ते हुए सीधे गंगा नदी में जा गिरा। आसपास के लोग जब तक कुछ समझ पाते तब तक ट्रैक्टर व उसपर सवार दोनों लोग नदी में समा चुके थे।

दो लोग हुए थे लापता

बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त ट्रैक्टर पर कालूपुर निवासी उपेंद्र यादव (40) और मेदनीपुर निवासी कृष्ण उर्फ टिल्लू (25) नदी में गिरने के बाद लापता हो गए थे। घटना की जानकारी होने के बाद मौके पर पुलिस पहुंची और इस दौरान राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। सर्च ऑपरेशन में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व गोताखोरों को भी लगाया गया, जिन्होंने 3 दिन तक नदी में तलाशी के बाद दोनों के शवों को बरामद कर लिया।

शव बरामद होने की जानकारी के बाद परिजन मौके पर पहुंचे और चीख पुकार मच गई। दोनों परिवारों के कई लोग बदहवास हो गए। दोनों परिवारों की चीत्कार के बीच आसपास के लोगों की आंखें भी नम हो गई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।

क्या बोली पुलिस

थाना अध्यक्ष कमलेश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला सड़क दुर्घटना ही प्रतीत हो रहा है, लेकिन अन्य एंगल से भी मामले की जांच की जाएगी। इस मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। वहीं, हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भी गुस्सा देखने को मिला।

स्थानीय लोगों में गुस्सा

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुल की रेलिंग जर्जर हो चुकी है और इस संबंध में पहले भी अधिकारियों से कहा गया है, लेकिन ना तो अधिकारी इस चीज पर ध्यान देते हैं और ना ही जनप्रतिनिधि। लोगों ने कहा है की उम्मीद है कि इस दर्दनाक हादसे के बाद जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की नींद खुलेगी और इस तरह की दुर्घटना दोबारा ना हो इसको लेकर मुकम्मल व्यवस्था की जाएगी।