Afzal Ansari: अफजाल अंसारी 1985 में पहली बार विधायक बने थे। इसके बाद से लगातार उनका राजनीतिक दबदबा बना रहा।
गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी और मऊ के पूर्व विधायक उनके भाई मुख्तार अंसारी को कोर्ट ने सजा का ऐलान कर दिया है। कृष्नानंद राय हत्याकांड में दोनों भाईयों को सजा हुई। मुख्तार अंसारी पर कई गंभीर मुकदमें हैं। कई बार अफजाल को मुख्तार का भाई कहा जाता है। हालांकि ये एक दफा अफजाल को पसंद नहीं आया था।
मुख्तार मुझसे 10 साल छोटा है: अफजाल
अफजाल अंसारी ने 2019 के लोकसभा चुनाव के समय एक इंटरव्यू में कहा था कि राजनीति में वो मुख्तार के बहुत सीरियस हैं। अब टीवी के लोग इस परिवार का नाम मुख्तार अंसारी से ही शुरू करते हैं लेकिन इस परिवार का इतिहास बहुत बड़ा है। परिवार ने 18 स्वत्रंता सेनानी दिए हैं।
अफजाल अंसारी ने तब कहा था कि 1985 में मैं विधायक बन चुका था। उस वक्त मुख्तार ज्यादातर क्रिकेट और फुटबॉल खेलता था। अक्सर वह हाफपैंट में बल्ला लिए घूमता दिख जाता था। बाद में उसने राजनीति में आने का फैसला लिया। बता दें कि मुख्तार 1996 में पहली बार मऊ सदर से विधायक हुए। इसके बाद उसने लगातार 5 चुनाव जीते।