
अखिलेश का सीएम पर हमला | Image - X/@yadavakhilesh
Karanda Kataria Incident:उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के करंडा कटरिया मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बयान बदलवाने से सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और विपक्ष सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने ऐसा कमजोर मुख्यमंत्री पहले कभी नहीं देखा, जो पीड़ितों पर दबाव डालकर उनके बयान बदलवाने की कोशिश करता हो। उन्होंने इसे गरीब और बेबस लोगों के साथ अन्याय बताया और कहा कि इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
सपा प्रमुख ने मामले में एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि आखिर रिपोर्ट दर्ज करने में इतनी देर क्यों हुई और किन परिस्थितियों में पीड़ित पक्ष का बयान बदला गया। इसके अलावा उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पीड़ित परिवार को लगातार दबाव में क्यों रखा जा रहा है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अब तक क्यों नहीं हुई।
अखिलेश यादव ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि रिपोर्ट कुछ भी कहे, लेकिन गांव के लोगों को असली सच्चाई पता है। उन्होंने दावा किया कि पूरे गांव में इस घटना को लेकर आक्रोश है और लोग इसे न्याय से जुड़ा बड़ा मुद्दा मान रहे हैं। उनके अनुसार, सच्चाई को छुपाने की कोशिशें जनता के बीच अविश्वास पैदा कर रही हैं।
अखिलेश ने इस मामले को सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज में इस घटना को लेकर गुस्सा है। उन्होंने इसे हाथरस जैसे मामलों की पुनरावृत्ति बताया और कहा कि ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि पीडीए का मिशन सामाजिक न्याय के लिए एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है और उनकी पार्टी इसके लिए लगातार संघर्ष कर रही है।
Updated on:
26 Apr 2026, 7:38 PM IST
Published on:
26 Apr 2026, 7:38 PM IST
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