गाजीपुर के दुल्लहपुर स्टेशन पर एक दुल्हन बचाओ-बचाओ चिल्लाते हुए भाग रही थी, लोगों ने मदद की तो पूरी कहानी कुछ और ही निकली।
गाजीपुर. रात के ग्यारह से साढ़े 11 बजे थे कि तभी अचानक एक दुल्हन मदद के लिये चिल्लने लगी। वह तेजी से मदद... बचाओ... बचाओ कहते हए भागने भी लगी। इतना सुनना था कि कुछ लोग मदद को आगे आ गए। उन लोगों ने पूछा तो और दुल्हन के इशारा करते हए छह सात लोगों पर टूट पड़े। खूब पिटायी की। इसके बाद पुलिस बुलायी गयी। जब पुलिस के सामने दुल्हन ने सच्चाई बयान कि तो मामला हैरान कर देने वाला निकला।
मामला गाजीपुर जिले के दुल्लहपुर रेलवे स्टेशन का है। बीते बुधवार को यहां लोग ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। स्टेशन पर कम ही लेाग थे। लोग ट्रेन के इंतजार में ही थे कि तभी बचाओ, बचाओ की आवाज लगाते हुए दुल्हन बेतहाशा भागती हुई दिखायी दी। लोगों ने उसे संभाला और पूछा तो उसने पास ही मौजूद छह सात लोगों की ओर इशारा कर कहा कि ये लोग मेरा अपहरण करने के चक्कर में हैं, ये लोग मानव तस्करी करते हैं।
उसके मुंह से यह सुनना था कि मददगारों ने लात-घूसों की बौछार कर दी। जमकर पिटायी की और घायल कर दिया। इसके बाद घटना की सूचना 100 नंबर पर पुलिस को दी गयी। डायल 100 के साथ ही मौके पर दुल्लहपुर थानाध्यक्ष राजू कुमार भी पहुंचे और छह लोगों को पकड़कर अपने साथ थाले ले गए।
वहां पुलिस ने छानबीन की और कड़ाई से पूछा तो पूरा मामला खुला। बताया गया कि उस दुल्हन के घरवालों ने उसे आगरा के एक दलाल के माध्यम से उसकी शादी 32 साल के एक व्यक्ति से तय कर दी। मरदह के महारे मंदिर में दोनों की शादी करायी गयी। शादी के बाद उसे आगरा ले जाया जा रहा था, रात 11 बजे दुल्लहपुर स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार किया जा रहा था इसी दौरान दुल्हन ने बचने के लिये ऐसा कदम उठाया।
By Alok Tripathi