कहा नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार न खाउंगा और न खाने दूंगा के फार्मूले पर चल रही है इसीलिये विपख को यह रास नहीं आ रहा।
गाजीपुर. भारतीय जनता पार्टी को आगामी 2019 के लोकसभा चुनाव में जितनी डर कांग्रेस से नहीं उससे कहीं अधिक महागठबंधन से है। बीजेपी लगातार कोशिश में है कि इसकी काट खोज लिया जाय। उसे इस बात का भी इंतजार है कि यह महागठबंधन किसी तरह से न हो। इन सब घबराहटों और डर के बीच अपनी सधी हुई रणनीति के तहत बीजेपी के नेता से लेकर मंत्री तक प्रस्तावित महागठबंधन, उसके घटक दलों और उनके नेताओं पर चुन-चुनकर निशाना साधते हैं। केन्द्रीय संचार एवं रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने भी महागठबंधन का नाम लेकर जमकर हमला किया है। उन्होंने कहा है कि महागठबंधन पर आम लोगों को सोचना चाहिये कि यह किस बात के लिये हो रहा है। देश और प्रदेश के विकास के लिये, समान्य आदमी के जीवन में बदलाव के लिये या फिर नरेन्द्र मोदी को रोकने के लिये।
कहा कि महागठबंधन बनाने की सिर्फ एक वजह है कि नरेन्द्र मोदी दोबारा सत्ता में न आ सकें। इसके लिये जिन दलों की राजनीति कभी एक दूसरे के विरोध पर चलती थी, जिनके नेता एक दूसरे को देखन नहीं चाहते थे आज उन लोगों ने रिश्तेदारी जोड़ ली है। सवाल उठाया कि आखिर नरेन्द्र मोदी ने ऐसा क्या किया है कि सब मिलकर उन्हें हटाना चाहते हैं। क्या 50 करोड़ का इलाज कराना गलत है, दो लाख की सामाजिक सुरक्षा देना गलत है या फिर चार करोड़ घरों में बिजली या आठ करोड़ मुफ्त गैस कनेक्शन बांटना गलत है। क्या बेटी पढ़ाओ बेअी बचाओ का गलत है। नहीं दरअसल गलत ये है कि नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार न खाउंगा और न खाने दूंगा के मिशन पर चल रही है इसीलिये सब मिलकर उन्हें हटाना चाहते हैं।
By Alok Tripathi